Tag: Old Age

Devesh Path Sariya

प्रेम को झुर्रियाँ नहीं आतीं

बुढ़िया ने गोद में रखा अपने बुड्ढे का सिर और मालिश करने लगी सिर के उस हिस्से में भी जहाँ से बरसों पहले विदा ले चुके थे बालदोनों को...
Old man talking

सीनियर सिटिज़न उर्फ़ सिक्सटी प्लसजी

अब तो करवा लो बीमा। महँगा नहीं है। टीवी पर इंश्योरेंस वाले भाईसाहब दिन-भर अपनत्व भरा उलाहना देते रहते हैं। ड्राइंगरूम के काउच पर...
Priyamvad

पलंग

यह कहानी यहाँ सुनें: https://youtu.be/gubxYm5WgY4उस साल जब पलाश की नंगी छितरी शाखों पर पहला फूल खिला, तब माँ पूरी तरह स्वस्थ थी। जब पूरा पेड़...
Old age, Loneliness, Room, Woman

बीना अम्मा के नाम

दिन के दूसरे पहर जब सो चुका होता दुआरे का शमी महुए थक जाते किसी बिसाती की बाट जोहते हुए पोखरे का पानी ठहर जाता गरड़िये के...
Javed Akhtar

मेले

बाप की उँगली थामे इक नन्हा-सा बच्चा पहले-पहल मेले में गया तो अपनी भोली-भाली कंचों जैसी आँखों से इक दुनिया देखी ये क्या है और वो क्या है सब उसने पूछा बाप...
Nirmal Gupt

रेहन पर बीमार बूढ़ा

बीमार बूढ़े के दोनों पैर बंधे हैं अस्पताल के पलंग से इलाज का बिल चुकाए बिना कहीं वह देह से फ़रार न हो जाए हाथ उसके...
Harivansh Rai Bachchan

तीसरा हाथ

एक दिन कातर हृदय से, करुण स्वर से, और उससे भी अधिक डब-डब दृगों से, था कहा मैंने कि मेरा हाथ पकड़ो क्योंकि जीवन पन्थ के अब कष्ट एकाकी नहीं जाते सहेऔर तुम भी...
Old Woman

दादी माँ

'Dadi Maa', a poem by Kailash Manharसीलन भरी कोठरी के अँधेरे कोने में कुछ चिथड़े बिखरे हैं लाल, पीले, काले, सफ़ेद सादे और फूलोंदार घाघरे लूगड़ी और सूती धोतियाँ पेटीकोटकुछ अपने...
Old woman, Old age

उम्र के साथ-साथ

'Umr Ke Sath Sath', a poem by Nirmal Guptउम्र चेहरे तक आ पहुँची कण्ठ में भी शायद जिह्वा पर अम्ल बरक़रार है शेष है अभी भी हथेलियों...
Old Man with tea, Old Age

साठ पार का आदमी

'Saath Paar Ka Aadmi', a poem by Nirmal Guptसाठ पार के आदमी को घुटने मोड़ कर चारपाई पर बैठे रहना चाहिए उठते-बैठते हर बार ज़ोर से कराहना...
Maya Angelou

मुझे मत दिखाना अपनी दया

'On Aging', a poem by Maya Angelou, from 'And Still I Rise' अनुवाद: अनुराग तिवारीजब तुम मुझे ऐसे शांत बैठे देखोगे जैसे अलमारी में छूटा कोई...
Old Man with tea, Old Age

चाय की दुकान और बूढ़ा

नुक्कड़ वाली चाय की दुकान में, सुबह, मुँह अँधेरे ही आ जाती है जब एक बीमार बूढ़ा वहाँ चला आता है अपने पाँव घसीटता। एक ठण्डी रात में से गुज़रकर ज़िन्दा...

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Kedarnath Singh

फ़र्क़ नहीं पड़ता

हर बार लौटकर जब अन्दर प्रवेश करता हूँ मेरा घर चौंककर कहता है 'बधाई'ईश्वर यह कैसा चमत्कार है मैं कहीं भी जाऊँ फिर लौट आता हूँसड़कों पर परिचय-पत्र माँगा...
Naveen Sagar

वह मेरे बिना साथ है

वह उदासी में अपनी उदासी छिपाए है फ़ासला सर झुकाए मेरे और उसके बीच चल रहा हैउसका चेहरा ऐंठी हुई हँसी के जड़वत् आकार में दरका है उसकी आँखें बाहर...
Nurit Zarchi

नूइत ज़ारकी की कविता ‘विचित्रता’

नूइत ज़ारकी इज़राइली कवयित्री हैं जो विभिन्न साहित्य-सम्बन्धी पुरस्कारों से सम्मानित हैं। प्रस्तुत कविता उनकी हीब्रू कविता के तैल गोल्डफ़ाइन द्वारा किए गए अंग्रेज़ी...
Sunset

कितने प्रस्थान

सूरज अधूरी आत्महत्या में उड़ेल आया दिन-भर का चढ़ना उतरते हुए दृश्य को सूर्यास्त कह देना कितना तर्कसंगत है यह संदेहयुक्त है अस्त होने की परिभाषा में कितना अस्त हो जाना दोबारा...
Naresh Mehta

कवच

मैं जानता हूँ तुम्हारा यह डर जो कि स्वाभाविक ही है, कि अगर तुम घर के बाहर पैर निकालोगे तो कहीं वैराट्य का सामना न हो जाए, तुम्हें...
Vishesh Chandra Naman

मैं

मैं एक तीर था जिसे सबने अपने तरकश में शामिल किया किसी ने चलाया नहींमैं एक फूल था टूटने को बेताब सबने मुझे देखा, मेरे रंगों की तारीफ़ की और मैं...
Gaurav Bharti

कविताएँ: नवम्बर 2021

यात्री भ्रम कितना ख़ूबसूरत हो सकता है? इसका एक ही जवाब है मेरे पास कि तुम्हारे होने के भ्रम ने मुझे ज़िन्दा रखातुम्हारे होने के भ्रम में मैंने शहर...
God, Abstract Human

कौन ईश्वर

नहीं है तुम्हारी देह में यह रुधिर जिसके वर्ण में अब ढल रही है दिवा और अँधेरा सालता हैरोज़ थोड़ी मर रही आबादियों में रोज़ थोड़ी बढ़ रही...
Haruki Murakami

हारुकी मुराकामी की कहानी ‘सातवाँ आदमी’

कहानी: 'सातवाँ आदमी' लेखक: हारुकी मुराकामी जापानी से अनुवाद: क्रिस्टोफ़र एलिशन हिन्दी अनुवाद: श्रीविलास सिंह"वह मेरी उम्र के दसवें वर्ष के दौरान सितम्बर का एक अपराह्न था...
Aashika Shivangi Singh

आशिका शिवांगी सिंह की कविताएँ

माँ-पिता प्रेमी-प्रेमिका नहीं बन सके मेरी माँ जब भी कहती है— "प्रेम विवाह ज़्यादा दिन नहीं चलते, टूट जाते हैं" तब अकस्मात ही मुझे याद आने लगते...
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