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Pankaj Singh

मध्यरात्रि

मध्यरात्रि में आवाज़ आती है 'तुम जीवित हो?' मध्यरात्रि में बजता है पीपल ज़ोर-ज़ोर से घिराता-डराता हुआपतझड़ के करोड़ों पत्ते मध्यरात्रि में उड़ते चले आते हैं नींद की...
Pankaj Singh

तुम किसके साथ हो

दहकती हुई चीज़ों के आर-पार तेंदुए की तरह गुर्राता, छलाँगें मारता गुज़रता है समयदेखो सब कुछ कैसा दहक रहा है जली हुई चीज़ें चमकदार कोयला बन रही...
Pankaj Singh

मत कहना चेतावनी नहीं दी गई थी

आपसी सद्भाव से समाज में शान्ति रहती है शान्ति में ही सम्भव है प्रगति और विकास ये अच्छे विचार हैं कुछ लोगों के लिए फ़ायदेमन्दएक रेशेदार जीभ...
Pankaj Singh

भविष्यफल

कोई एक अक्षर बताओ कोई रंग कोई दिशा किसी एक फूल का नाम लोकोई एक धुन याद करो कोई चिड़िया कोई माह—जैसे वैशाख खाने की किसी प्रिय चीज़ का नाम...
Pankaj Singh

वह किसान औरत नींद में क्या देखती है

वह किसान औरत नींद में क्या देखती है?वह शायद देखती है अपने तन की धरती नींद में वह शायद देखती है पसीने से भरा एक...
Pankaj Singh

वह इच्छा है मगर इच्छा से कुछ और अलग

वह इच्छा है मगर इच्छा से कुछ और अलग इच्छा है मगर इच्छा से ज़्यादा और आपत्तिजनक मगर ख़ून में फैलती रोशनी के धागों-सी आत्मा में जड़ें...

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विनीता अग्रवाल बहुचर्चित कवियित्री और सम्पादक हैं। उसावा लिटरेरी रिव्यू के सम्पादक मण्डल की सदस्य विनीता अग्रवाल के चार काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके...
Gaurav Bharti

कविताएँ: अगस्त 2022

विस्मृति से पहले मेरी हथेली को कैनवास समझ जब बनाती हो तुम उस पर चिड़िया मुझे लगता है तुमने ख़ुद को उकेरा है अपने अनभ्यस्त हाथों से।चारदीवारी और एक...
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भारत के महान साहित्यकार, हिन्दी लेखक और उर्दू उपन्यासकार प्रेमचंद किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। प्रेमचंद ने अपने जीवन काल में कई रचनाएँ...
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आधे-अधूरे: एक सम्पूर्ण नाटक समीक्षा: अनूप कुमार मोहन राकेश (1925-1972) ने तीन नाटकों की रचना की है— 'आषाढ़ का एक दिन' (1958), 'लहरों के राजहंस' (1963)...
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लम्बी कविता: डरावना स्वप्न (एक)हर रात वही डरावना सपना लगभग तीन से चार बजे के बीच आता है और रोम-रोम कँपा जाता है बहुत घबराहट के साथ पसीने-पसीने हुआ-सा...
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