Tag: Peace

Ganga Prasad Vimal

शान्ति के विरुद्ध एक कविता

सदियों से बोलते आदमी को चुप कराने की साज़िश है शान्ति। हर निर्माण हिंसा से जुड़ा है चाहे वह बाड़ हो सुरक्षा की या प्रतिरक्षा के लिए तनी बन्दूक़। अगला क़दम जब भी...
John Guzlowski

जॉन गुज़लॉस्की की कविता ‘युद्ध और शान्ति’

कवि: जॉन गुज़लॉस्की अनुवाद: देवेश पथ सारिया युद्ध तुम्हें मार देगा और ठण्डा पड़ा छोड़ देगा तुम्हें गलियों में या खेतों में बमों से विध्वंस हुई इमारतों की ईंटों की तरह पर चिन्ता...
Flower, Peace, War, Love

शान्ति

'Shanti', Hindi Kavita by Amar Dalpura फौजियों के कीलदार बूटों की धुन दिन-रात शांति मंत्र का जाप करती है खिड़की, दीवार और चौराहों से बच्चे-बूढ़े और औरतों के...
Shamser Bahadur Singh

अमन का राग

सच्‍चाइयाँ जो गंगा के गोमुख से मोती की तरह बिखरती रहती हैं हिमालय की बर्फ़ीली चोटी पर चाँदी के उन्‍मुक्‍त नाचते परों में झिलमिलाती रहती हैं जो एक...
Flower, Peace, War, Love

ये वक़्त हमें लड़ना सिखा रहा है

जो बंदूक लिये खड़ा है वो भी नहीं है युद्ध का हिमायती जो तलवार घरों में रखता है वो भी जंग की उम्मीद नहीं करता। जो बंदूक लिये...
Pigeon, Peace, Bird

शान्ति

'Shanti', a poem by Husain Ravi Gandhi मनुष्य बनना यद्यपि अभिशाप है मैं मनुष्य बनूँगा। शान्ति का प्रत्युत्तर यदि आग्नेयास्त्र है, तो मैं शान्ति का श्वेत कबूतर बनूँगा। फूलों...
khajoor bechta hoon

खजूर बेचता हूँ

न सीने पर हैं तमगे न हाथों में कलम है न कंठ में है वीणा न थिरकते कदम हैं इस शहर को छोड़कर जिसमें घर है मेरा उस ग़ैर मुल्क...

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RECENT POSTS

Rahul Sankrityayan

तुम्हारी जात-पाँत की क्षय

हमारे देश को जिन बातों पर अभिमान है, उनमें जात-पाँत भी एक है। दूसरे मुल्कों में जात-पाँत का भेद समझा जाता है भाषा के...
Anujeet Iqbal

उसका होना

उसके नाम की प्रतिध्वनि किसी स्पन्दन की तरह मन की घाटी में गहरी छुपी रही और मैं एक दारुण हिज्र जीती रही वेदना, व्याकुलता के मनोवेगों में त्वरित बिजुरी की...
Do Log - Gulzar

गुलज़ार के उपन्यास ‘दो लोग’ से किताब अंश

गुलज़ार का उपन्यास 'दो लोग' विभाजन की त्रासदी के बारे में है—त्रासदी भी ऐसी कि इधर आज़ादी की बेला आने को है, और उधर...
Neelabh

जहाँ मैं साँस ले रहा हूँ अभी

जहाँ मैं साँस ले रहा हूँ अभी वहाँ से बहुत कुछ ओझल है ओझल है हत्यारों की माँद ओझल है संसद के नीचे जमा होते किसानों के ख़ून...
Kaynaat

कायनात की कविताएँ

1 इश्क़, तुम मेरी ज़िन्दगी में आओ तो यूँ आओ कि जैसे किसी पिछड़े हुए गाँव में कोई लड़की घण्टों रसोई में खपने के बाद पसीने से भीगी बाहर...
Uberto Stabile

स्पेनिश कवि उबेरतो स्तबिल की कविताएँ

उबेरतो स्तबिल, स्पेनिश कवि और चर्चित अंतर्राष्ट्रीय स्पेनिश पत्रिका के सम्पादक हैं, उनकी कई किताबें प्रकाशित और अनूदित हो चुकी हैं। अनुवाद: पंखुरी सिन्हा एक पाठक...
Pooja Shah

पूजा शाह की कविताएँ

पाज़ेब पाज़ेब पाँवों में नहीं स्तनों पर पहनने से सार्थक होंगी जब औरतें क़दम रखती हैं पकौड़ियों की थाली लिए आदमियों से भरे कमरे में उनकी गपशप के बीच या जब...
Kailash Gautam

कविता मेरी

आलम्बन, आधार यही है, यही सहारा है कविता मेरी जीवन शैली, जीवन धारा है। यही ओढ़ता, यही बिछाता यही पहनता हूँ सबका है वह दर्द जिसे मैं अपना कहता...
Vijay Sharma

क़ब्ल-अज़-तारीख़

सुबह से माँ के घुटनों का दर्द तेज़ था। पिछली रात देसी बाम, गरम पानी और तेल का कोई ख़ास असर नहीं हुआ। इधर...
Lucilla Trappazzo

लुचिल्ला त्रपैज़ो की कविताएँ

लुचिल्ला त्रपैज़ो स्विस इतालवी कवयित्री हैं। उनके चार कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और उनकी रचनाएँ कई भाषाओं में अनूदित भी हो चुकी...
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