Tag: Prayer

Sarul Bagla

सारुल बागला की कविताएँ

1 कितनी कहानियाँ शुरू होती हैं शहर का कोई भी दोराहा इतना सुनसान कभी नहीं होता कि वो किसी के ख़यालों में भी न आए सब अपने-अपने शहरों के...
Prayers, Joined Hands

अनुत्तरित प्रार्थना

'परिवर्तन प्रकृति का नियम है' यह पढ़ते-पढ़ाते वक़्त मैंने पूरी शिद्दत के साथ अपने रिश्तों में की स्थिरता की कामनाप्रकृति हर असहज कार्य भी पूरी सहजता के...
Kumar Mangalam

कविताएँ — जुलाई 2020

शहर 1किसी पुराने शहर की गलियों के पत्थर उखड़ने लगे हैं कुछ बदरंग इमारतें ढह गई हैंबेवश एक बुज़ुर्ग आसमान देखता है और अपनी मौत का इंतज़ार करता है उस बुज़ुर्ग की...
Prayers, Joined Hands

प्रार्थनाओं से बचना

दुःखों में बचे रहना चाहते हो तो प्रार्थनाओं से बचनाप्रार्थना रत हथेलियों के बीच से बह जाता है एक हिस्सा जुझारूपन एक हिस्सा जिजीविषाप्रार्थनाएँ प्रमेय हैं जो सिद्ध...
Ram Dayal Munda

राम दयाल मुण्डा की कविताएँ

सूखी नदी/भरी नदी सूखी नदी एक व्यथा-कहानी जब था पानी तब था पानी!भरी नदी एक सीधी कहानी ऊपर पानी, नीचे पानी। विरोध उसे बाँधकर ले जा रहे थे राजा के सेनानी और नदी छाती पीटकर...
Harshita Panchariya

भ्रम

स्मृतियों में सहेजने के तौर पर दिए गए सभी चुम्बन पीड़ा में ऐसे भ्रम बनाए रखते हैं, मानो आँख खुलते ही ईश्वर सामने नज़र आ जाएगा।यूँ बंद आँखों के...
Hand, Gone, Left, Calling, Away

कठघरे में भूमिका, वो बात

Poems: Yogesh Dhyani कठघरे में भूमिका सन्देह से परे था तुम्हारा प्रेम फिर क्यों हाथ आया विछोहअनुपस्थित था शायद कोई तुम्हारी प्रार्थना से असम्भव है मान पाना कि तुमने नही माँगा मुझे अपनी प्रार्थना...
Prayers, Joined Hands

प्रार्थना

'Prarthana', poems by Rupam Mishraपराई पीड़ा में बहने वाले आँसू प्रार्थना के गीत होते हैं! क्षणिक ही सही कम से कम उस पल के लिए हम पवित्र...

प्रार्थनाएँ

स्वयं से संवाद में आकार लेती हैं, प्रार्थनाएँ मन की थाह लेती हैं। उगती है दिल की कच्ची ज़मीं पर, प्रार्थनाएँ अंधेरों में पनाह लेती हैं। उसके रचे से बचे के लिए होती...
Hands, Prayer, Prarthana

आख़िरी दुआ

आख़िरी दुआ माँगने को हूँ आसमान पर, रात के सिवा, कुछ नहीं रहा कौन मुट्ठियाँ, रेत से भरे पानियों का रुख, शहर की तरफ़, अब नहीं रहा।कितने...

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विनीता अग्रवाल की कविताएँ

विनीता अग्रवाल बहुचर्चित कवियित्री और सम्पादक हैं। उसावा लिटरेरी रिव्यू के सम्पादक मण्डल की सदस्य विनीता अग्रवाल के चार काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके...
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कविताएँ: अगस्त 2022

विस्मृति से पहले मेरी हथेली को कैनवास समझ जब बनाती हो तुम उस पर चिड़िया मुझे लगता है तुमने ख़ुद को उकेरा है अपने अनभ्यस्त हाथों से।चारदीवारी और एक...
Nicoleta Crăete

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भारत के महान साहित्यकार, हिन्दी लेखक और उर्दू उपन्यासकार प्रेमचंद किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। प्रेमचंद ने अपने जीवन काल में कई रचनाएँ...
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लम्बी कविता: डरावना स्वप्न (एक)हर रात वही डरावना सपना लगभग तीन से चार बजे के बीच आता है और रोम-रोम कँपा जाता है बहुत घबराहट के साथ पसीने-पसीने हुआ-सा...
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