Tag: Premchand

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साहित्य का आधार

साहित्य का सम्बन्ध बुद्धि से उतना नहीं, जितना भावों से है। बुद्धि के लिए दर्शन है, विज्ञान है, नीति है। भावों के लिए कविता है,...
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साहित्य में बुद्धिवाद

साहित्य-सम्मेलन की साहित्य-परिषद् में श्री लक्ष्मीनारायण मिश्र ने इस विषय पर एक सारगर्भित भाषण दिया, जिसमें विचार करने की बहुत-कुछ सामग्री है। उसमें अधिकांश...
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विषम समस्या

मेरे दफ़्तर में चार चपरासी थे, उनमें एक का नाम ग़रीब था। बहुत ही सीधा, बड़ा आज्ञाकारी, अपने काम में चौकस रहनेवाला, घुड़कियाँ खाकर...
Godan

प्रेमचंद – ‘गोदान’

प्रेमचंद के उपन्यास 'गोदान' से उद्धरण | Quotes from Godan by Premchand   "लिखते तो वह लोग हैं, जिनके अंदर कुछ दर्द है, अनुराग है, लगन...
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साम्प्रदायिकता और संस्कृति

प्रेमचंद का लेख 'साम्प्रदायिकता और संस्कृति' | 'Sampradayikta Aur Sanskriti', an article by Premchand साम्प्रदायिकता सदैव संस्कृति की दुहाई दिया करती है। उसे अपने असली...
premchand

पण्डित मोटेराम शास्त्री

पण्डित मोटेराम जी शास्त्री को कौन नहीं जानता! आप अधिकारियों का रुख़ देखकर काम करते हैं। स्वदेशी आन्दोलन के दिनों में आपने उस आन्दोलन...
Jainendra Kumar, Premchand

एक शांत नास्तिक संत: प्रेमचंद

मुझे एक अफ़सोस है, वह अफ़सोस यह है कि मैं उन्हें पूरे अर्थों में शहीद क्यों नहीं कह पाता हूँ! मरते सभी हैं, यहाँ...
premchand

राष्ट्र का सेवक

राष्ट्र के सेवक ने कहा— "देश की मुक्ति का एक ही उपाय है और वह है नीचों के साथ भाईचारे का सुलूक, पतितों के...

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Alok Kumar Mishra

‘क’ से ‘कमल’, ‘क’ से ‘कश्मीर’

'क' से 'कमल' वाले इस देश में 'क' से 'कश्मीर' भी हो सकता है पर उसके लिए आँखों को थोड़ा सजल करना होगा हृदय में उतरना होगा दिमाग़ की परतों...
Kaun Hain Bharat Mata - Purushottam Agrawal

किताब अंश: ‘कौन हैं भारत माता?’ – पुरुषोत्तम अग्रवाल

राष्ट्र और राष्ट्रवाद को लेकर देश में लगातार चल रही बहसों के बीच राजकमल प्रकाशन ने 'कौन हैं भारत माता' पुस्तक प्रकाशित की है।...
Tasneef

हसनैन जमाल के नाम एक ख़त (अपनी शायरी के हवाले से)

भाई हसनैन! आपने कई बार ग़ज़लें माँगीं और मैं हर बार शर्मिंदा हुआ कि क्या भेजूँ? ऐसा नहीं है कि पुराने शेरी मजमूए के बाद...
Gorakh Pandey

फूल

फूल हैं गोया मिट्टी के दिल हैं धड़कते हुए बादलों के ग़लीचों पे रंगीन बच्चे मचलते हुए प्यार के काँपते होंठ हैं मौत पर खिलखिलाती हुई चम्पई ज़िन्दगी जो कभी मात...
Balli Singh Cheema

तय करो किस ओर हो तुम

तय करो किस ओर हो तुम, तय करो किस ओर हो आदमी के पक्ष में हो या कि आदमख़ोर हो। ख़ुद को पसीने में भिगोना ही...
Sahir Ludhianvi

ये दुनिया दो-रंगी है

ये दुनिया दो-रंगी है एक तरफ़ से रेशम ओढ़े, एक तरफ़ से नंगी है एक तरफ़ अंधी दौलत की पागल ऐश-परस्ती एक तरफ़ जिस्मों की क़ीमत रोटी...
Harry Potter - Voldemort

सपने में वॉल्डेमॉर्ट

आप जानते हैं रॉल्फ़ फ़ाइंस को? "तुम जानते हो कौन... वो, जिसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए!" हाँ वही, जो वॉल्डेमॉर्ट बने थे हैरी पॉटर में जिसे देख काँप उठती थी बच्चों...
Bolna Hi Hai - Ravish Kumar

रवीश कुमार – ‘बोलना ही है’

रवीश कुमार की किताब 'बोलना ही है' से उद्धरण | Quotes from 'Bolna Hi Hai' (The Free Voice), a book by Ravish Kumar (चयन एवं...
Rahul Boyal

मैं शब्द खो दूँगा एक दिन

मैं शब्द खो दूँगा एक दिन एक दिन भाषा भी चुक जाएगी मेरी मैं बस सुना करूँगा तुम्हें कहूँगा कुछ नहीं जबकि याद आएगी तुम्हारी हो जाऊँगा बरी अपने आप से तुम भी...
Abstract painting, Woman

मैं अंततः वहीं मुड़ जाऊँगी

अभी किसी नाम से न पुकारना तुम मुझे पलटकर देखूँगी नहीं, हर नाम की एक पहचान है पहचान का एक इतिहास और हर इतिहास कहीं न कहीं रक्त...
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