Tag: विरह / जुदाई

Girl sitting on grass

प्रेम में मिलना मत

'Prem Mein Milna Mat', a poem by Vandana Kapil उन जगहों ने अपना अस्तित्व खो दिया जिन्हें गवाह होना था उन मौन पलों का जहाँ निःशब्द बन वो पहरों शब्द...
Anurag Anant

कवि, कील और कविता

'Kavi, Keel Aur Kavita', a poem by Anurag Anant सबने नाव देखी किसी ने नाव की देह में धँसी कीलें नहीं देखीं इन्हीं कीलों ने नाव को...
Sarveshwar Dayal Saxena

तुमसे अलग होकर

'Tumse Alag Hokar', Hindi Kavita by Sarveshwar Dayal Saxena तुमसे अलग होकर लगता है अचानक मेरे पंख छोटे हो गए हैं, और मैं नीचे एक सीमाहीन सागर...
Parveen Shakir

जुदाई की पहली रात

'Judai Ki Pehli Raat', a nazm by Parveen Shakir आँख बोझल है मगर नींद नहीं आती है मेरी गर्दन में हमाइल तिरी बाँहें जो नहीं किसी करवट भी...
Mahadevi Verma

विरह का जलजात जीवन

'Virah Ka Jaljat Jivan', a poem by Mahadevi Verma विरह का जलजात जीवन, विरह का जलजात! वेदना में जन्म, करुणा में मिला आवास अश्रु चुनता दिवस इसका,...
Bekhud Dehlvi

सब्र आता है जुदाई में न ख़्वाब आता है

सब्र आता है जुदाई में, न ख़्वाब आता है रात आती है इलाही कि अज़ाब आता है बे-क़रारी दिल-ए-बेताब की ख़ाली तो नहीं या वो ख़ुद आते...
Monkey

जोहता हूँ बाट रानी

'Johta Hoon Baat Rani', a poem by Bedhab Banarasi शीघ्र आओ प्रेम का मेरे न उलटे ठाठ रानी! है असह्य वियोग बाले है निशा टलती न टाले करवटें...
Radha Krishna

राधा-कृष्ण

Radha Krishna, a poem by Shiva and Puneet Kusum चित्र श्रेय: Shiva कृष्ण हे राधे, हे राधे हे राधे, हे राधे हे राधे, हे राधे कान्हा ढूँढ रहा तुझे राधे ऊपर...

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