Tag: sleep

Ali Sardar Jafri

नींद

रात ख़ूबसूरत है नींद क्यूँ नहीं आती! दिन की ख़शम-गीं नज़रें खो गईं सियाही में आहनी कड़ों का शोर बेड़ियों की झंकारें क़ैदियों की साँसों की तुंद-ओ-तेज़ आवाज़ें जेलरों की बदकारी गालियों की...
Vishnu Khare

नींद में

कैसे मालूम कि जो नहीं रहा उसकी मौत नींद में हुई? कह दिया जाता है कि वह सोते हुए शान्ति से चला गया क्या सबूत है? क्या कोई था उसके...
Man, Sleep, Painting, Abstract, Closed Eyes, Face

ईश्वर आख़िर जागता क्यों नहीं?

सूरज चोरी चला गया है, एक जिस्म से ग़ायब है रीढ़ की हड्डी। सत्य, अहिंसा, न्याय, शांति सब किसी परीकथा के पात्र हैं शायद और उम्मीद गूलर के...
Rajkamal Chaudhary

नींद में भटकता हुआ आदमी

नींद की एकान्त सड़कों पर भागते हुए आवारा सपने सेकेण्ड शो से लौटती हुई बीमार टैक्सियाँ भोथरी छुरी जैसी चीख़ें बेहोश औरत की ठहरी हुई आँखों की...
Fahmida Riaz

अब सो जाओ

अब सो जाओ और अपने हाथ को मेरे हाथ में रहने दो तुम चाँद से माथे वाले हो और अच्छी क़िस्मत रखते हो बच्चे की सी भोली सूरत अब तक...
Jyotsna Milan

रात

सबसे पहले शुरू होता है माँ का दिन मुँह अंधेरे और सबके बाद तक चलता है छोटी होती हैं माँ की रातें नियम से और दिन नियम से लम्बे रात में दूर तक...
Kishan Saroj

नींद सुख की फिर हमें सोने न देगा

नींद सुख की फिर हमें सोने न देगा यह तुम्हारे नैन में तिरता हुआ जल। छू लिए भीगे कमल भीगी ॠचाएँ, मन हुए गीले बहीं गीली हवाएँ बहुत सम्भव है डुबो...
Dream

कमाल का स्वप्न, नींद, प्रतीक्षारत

कमाल का स्वप्न जीवन के विषय में पूछे जाने पर दृढ़ता से कह सकता हूँ मैं कमाल का स्वप्न था.. जैसा देखा, हुआ नहीं जैसा हुआ, देखा नहीं! नींद कहानी सुनाकर दादी...
Fairy Tale, Dreams, Sleep

सोना-जागना

दिन-भर के सफ़र के बाद रात में सोने की पुरज़ोर कोशिश करता आदमी बड़ा मासूम लगता है वह सोने से पहले सुबह वक़्त पर उठने के लिए ख़ूब तैयारी करता है, वह अपने...
Puru Malav

पुरु मालव की कविताएँ

पार्टनर, तुम्हारी जात क्या है सच ही कहा था शेक्सपियर ने 'नाम में क्या रखा है' जो कुछ है, जाति है नाम तो नाम है, जाति थोड़ी है जो...
Man, Sleep, Painting, Abstract, Closed Eyes, Face

नींद और राजकुँवर

'Neend Aur Rajkunwar', a poem by Nirmal Gupt मैं सोते हुए खर्राटे लेता हूँ इस बात का मेरे सिवा सबको अरसे से पता है कोसों दूर राजमहल में...

पिघलती नींदें

तुम बोते हो नींदें इसलिए कि सपनों की फ़सल काट सको लेकिन कभी सोचा है तुमने उन जलती सुलगती आँखों के बारे में जिनके सपने हर रात के बाद फट पड़ते...

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Ramkumar Krishak

हम नहीं खाते, हमें बाज़ार खाता है

हम नहीं खाते, हमें बाज़ार खाता है आजकल अपना यही चीज़ों से नाता है पेट काटा, हो गई ख़ासी बचत घर में है कहाँ चेहरा, मुखौटा मुस्कुराता है नाम...
Majrooh Sultanpuri

मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर

जब हुआ इरफ़ाँ तो ग़म आराम-ए-जाँ बनता गया सोज़-ए-जानाँ दिल में सोज़-ए-दीगराँ बनता गया रफ़्ता रफ़्ता मुंक़लिब होती गई रस्म-ए-चमन धीरे धीरे नग़्मा-ए-दिल भी फ़ुग़ाँ बनता गया मैं...
Pravad Parv - Naresh Mehta

प्रतिइतिहास और निर्णय

कविता अंश: प्रवाद पर्व महानुभावो! उस अनाम साधारण जन के तर्जनी उठाने में सम्भव है कोई औचित्य न हो परन्तु चूँकि वह तर्जनी अकेली है अतः उसकी सत्यता पर सन्देह भी स्वाभाविक...
Naresh Saxena

इस बारिश में

जिसके पास चली गई मेरी ज़मीन उसी के पास अब मेरी बारिश भी चली गई अब जो घिरती हैं काली घटाएँ उसी के लिए घिरती हैं कूकती हैं कोयलें...
Arvind Yadav

अरविन्द यादव की कविताएँ

गिद्ध आज अचानक मेरे शहर में दिखायी देने लगे झुण्ड के झुण्ड गिद्धों के देखते ही देखते शहर के हृदय पर एक बडे़ मैदान में होने लगा एक विशाल सभा...
Sahej Aziz

बंटू / दो हज़ार पचानवे

उसने शायद खाना नहीं खाया था। रोज़ तो सो जाता था दुबक के फैल के रेल प्लेटफ़ॉर्म पे बेंच के नीचे। क्यों सता रहा है आज उसे बारिश का शोर गीली चड्ढी और...
Sahej Aziz

नींद क्यों रात-भर नहीं आती

रात को सोना कितना मुश्किल काम है दिन में जागने जैसा भी मुश्किल नहीं पर, लेकिन तक़रीबन उतना ही न कोई पत्थर तोड़ा दिन-भर न ईंट के भट्ठे में...
Sahej Aziz

क्रांति: दो हज़ार पचानवे

हा हा हा हा हा हा यह भी कैसा साल है मैं ज़िंदा तो हूँ नहीं पर पढ़ रहा है मुझको कोई सोच रहा है कैसे मैंने सोचा है तब...
Sarveshwar Dayal Saxena

देशगान

क्या ग़ज़ब का देश है, यह क्या ग़ज़ब का देश है। बिन अदालत औ मुवक्किल के मुक़दमा पेश है। आँख में दरिया है सबके दिल में है...
Balamani Amma

माँ भी कुछ नहीं जानती

"बतलाओ माँ मुझे बतलाओ कहाँ से, आ पहुँची यह छोटी-सी बच्ची?" अपनी अनुजाता को परसते-सहलाते हुए मेरा पुत्र पूछ रहा था मुझसे; यह पुराना सवाल जिसे हज़ारों लोगों ने पहले भी बार-बार पूछा है। प्रश्न...
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