Tag: World Literature

Maya Angelou

माया एंजेलो की कविता ‘उदित हूँ मैं’

माया एंजेलो की कविता 'And Still I Rise' का अनुवाद कड़वे छली मृषा से इतिहास में तुम्हारे तुम्हारी लेखनी से मैं न्यूनतम दिखूँगी धूल-धूसरित भी कर सकते...
Nazim Hikmet

नाज़िम हिकमत : रात 9 से 10 के बीच की कविताएँ

अनुवाद: मनोज पटेल (पढ़ते-पढ़ते से साभार) (पत्नी पिराए के लिए) 21 सितम्बर 1945 हमारा बच्चा बीमार है। उसके पिता जेल में हैं। तुम्हारे थके हाथों में तुम्हारा सर बहुत...
Rudyard Kipling

रडयार्ड किपलिंग की कहानी ‘भविष्यवाणी’

नहीं यद्यपि तुम मरो इस रात, प्रिय और करो विलाप, एक प्रेतात्मा मेरे द्वार मर्त्य भय करेगा अमर प्रेम को नाकाम— मैं करूँगा और तुमको प्यार, जो मृत्यु...
The Selfish Giant story in Hindi by Oscar Wilde

ऑस्कर वाइल्ड की कहानी ‘स्वार्थी दानव’ (The Selfish Giant)

हर शाम स्कूल से आने के बाद बच्चे खेलने के लिए दानव के बाग़ में जाया करते थे। यह एक बहुत बड़ा और सुंदर...
Sylvia Plath

सिल्विया प्लाथ की कविता ‘डैडी’

अब और नहीं आप नहीं कर सकते, नहीं कर सकते आप अपने जूते में मुझे पैरों की तरह रखकर मुझ बेचारी अभागिन को तीस सालों से साँस लेने और छींकने...
Louise Gluck

लुइस ग्लुक की दो कविताएँ

मौन, मृत्यु और अकेलेपन से सम्वाद करती कवयित्री लुइस ग्लुक की दो कविताएँ (लुइस ग्लुक को हाल ही में साहित्य श्रेणी में नोबल पुरस्कार...
Yehuda Amichai

येहूदा एमिहाए की कविता ‘और हम उत्साहित नहीं होंगे’

Poem: And We Shall Not Get Excited Poet: Yehuda Amichai Translated from the Hebrew by Barbara and Benjamin Harshav अंग्रेज़ी से अनुवाद: सृष्टि ठाकुर और हम उत्साहित नहीं...
Tadeusz Rozewicz

तादेऊष रूज़ेविच की कविता ‘ज़िन्दा बच गया’

'जीवन के बीचोंबीच' : तादेऊष रूज़ेविच की कविताएँ से अनुवाद: आग्नयेष्का कूच्क्येवीच-फ़्राश और कुँवर नारायण मैं चौबीस का हूँ मेरा वध होना था बच गया। खोखले हैं ये सारे...
Emily Dickinson

एमिली डिकिंसन की कविता ‘मृत्य के पार गमन’

Poem: 'Because I Could Not Stop For Death' Poetess: Emily Dickinson भावानुवाद: नम्रता श्रीवास्तव यद्यपि मृत्युपरांत यात्रा पर अग्रसर हो चुकी थी मैं पर याचना करके उस काल ने...
Orhan Veli Kanik

ओरहान वेली की कविता ‘मैं समझा नहीं सकता’

Poem: 'I Can't Tell' - Orhan Veli Kanik Translation from Original (Turkish): Talât Sait Halman अंग्रेज़ी से अनुवाद: देवेश पथ सारिया अगर रोता हूँ मैं क्या तुम कविता में...
D H Lawrence

डी. एच. लॉरेंस की कविता ‘उखड़े हुए लोग’

अनुवाद: रामधारी सिंह 'दिनकर' अकेलेपन से जो लोग दुःखी हैं, वृत्तियाँ उनकी निश्चय ही, बहिर्मुखी हैं। सृष्टि से बाँधने वाला तार उनका टूट गया है; असली आनन्द का आधार छूट गया है। उद्गम...
Langston Hughes

लैंग्स्टन ह्यूज की कविता ‘हारलम’

Poem: Harlem by Langston Hughes Translation: Arjita Mital क्या होता है जब कोई सपना अधूरा रह जाता है? क्या वह धूप में रखी किशमिश की तरह मुरझा जाता...

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Couple, Silhouette

आख़िरी बार मिलो

आख़िरी बार मिलो ऐसे कि जलते हुए दिल राख हो जाएँ कोई और तक़ाज़ा न करें चाक-ए-वादा न सिले, ज़ख़्म-ए-तमन्ना न खिले साँस हमवार रहे, शमा की लौ...
Yellow Flower, Offering, Sorry, Apology

वहाँ देखने को क्या था

मैं उन इलाक़ों में गया जहाँ मकान चुप थे उनके ख़ालीपन को धूप उजला रही थी हवा शान्त, मन्थर— अपने डैने चोंच से काढ़ने को बेचैन थी लोग जा चुके हैं उन्हें कुछ...
River

नदी

1 घर से निकलकर कभी न लौट पाने का दुःख समझने के लिए तुम्हें होना पड़ेगा एक नदी! 2 नदियों की निरन्तरता को बाँध उनका पड़ाव निर्धारित कर मनुष्य ने देखा है ठहरी हुई नदियों...
Maya Angelou

माया एंजेलो की कविता ‘उदित हूँ मैं’

माया एंजेलो की कविता 'And Still I Rise' का अनुवाद कड़वे छली मृषा से इतिहास में तुम्हारे तुम्हारी लेखनी से मैं न्यूनतम दिखूँगी धूल-धूसरित भी कर सकते...
Sandeep Nirbhay

मुसलमानों की गली

आज वह शहर की उस गली में गया जहाँ जाने से लोग अक्सर कतराते हैं पान की गुमटी में बैठी एक बुढ़िया पढ़ रही है उर्दू की...
Farmers

मेरे पुरखे किसान थे

मेरे पुरखे किसान थे मैं किसान नहीं हूँ मेरी देह से खेत की मिट्टी की कोई आदिम गन्ध नहीं आती पर मेरे मन के किसी पवित्र स्थान पर सभी पुरखे जड़...
Anurag Anant

तुम्हारे कंधे से उगेगा सूरज

तुम्हारी आँखें मखमल में लपेटकर रखे गए शालिग्राम की मूरत हैं और मेरी दृष्टि शोरूम के बाहर खड़े खिलौना निहारते किसी ग़रीब बच्चे की मजबूरी मैंने जब-जब तुम्हें देखा ईश्वर अपने अन्याय...
Two Indian Women standing

बहनें

कोयला हो चुकी हैं हम बहनों ने कहा रेत में धँसते हुए ढक दो अब हमें चाहे हम रुकती हैं यहाँ तुम जाओ बहनें दिन को...
Jaun Elia

समझ में ज़िन्दगी आए कहाँ से

समझ में ज़िन्दगी आए कहाँ से पढ़ी है ये इबारत दरमियाँ से यहाँ जो है तनफ़्फ़ुस ही में गुम है परिंदे उड़ रहे हैं शाख़-ए-जाँ से मकान-ओ-लामकाँ के...
Abstract, Head, Human

मेरी आवाज़, भेद का भाव

मेरी आवाज़ बचपन से कोशिश जारी है पर अब तक पहाड़ के पार मेरी आवाज़ नहीं जाती पहले गूँजती थी और लम्बी यात्रा कर टकराकर लौट आती थी पहाड़ के इस...
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