Tag: World Literature

Maya Angelou

सीख

'The Lesson', a poem by Maya Angelou अनुवाद: पुनीत कुसुम मैं बार-बार मरती हूँ, नसें सिकुड़ती हैं, खुलती हैं जैसे सोते हुए बच्चों की छोटी-छोटी मुट्ठियाँ, जीर्ण क़ब्रों, सड़े-गले हाड़-माँस,...
Naomi Shihab Nye

अप्रत्यक्ष कविता

'Hidden Poem' - Naomi Shihab Nye अनुवाद: पुनीत कुसुम यदि फ़र्न के पौधे को तुम रख दो एक पत्थर के नीचे अगले दिन वह लगभग ग़ायब हो...
Rainbow Rowell

विश्व साहित्यकारों के कुछ चुनिंदा उद्धरण

"उसका हाथ थामना ऐसा था जैसे किसी तितली को पकड़ना या फिर धड़कनों को थाम लेना सम्पूर्ण और जीवंत..." - रेनबो रॉवेल   "उंगली पर गिने जा सके...
The Book of Questions - Pablo Neruda

नेरूदा के सवालों से बातें – IV

अनुवाद: पुनीत कुसुम स्वर्ग में, एक गिरिजाघर है हर एक उम्मीद के लिए और हर उस उम्मीद के लिए जो अधूरी रही, एक गिरिजाघर है शार्क नहीं करती...
The Book of Questions - Pablo Neruda

सवालों की किताब – IV

अनुवाद: पुनीत कुसुम कितने गिरिजाघर हैं स्वर्ग में? शार्क मछली क्यों नहीं करती आक्रमण निर्लज्ज जलपरियों पर? क्या धुंध करती है बातें बादलों से? क्या यह सच है कि...
Kahlil Gibran - Poet

आँसू और हँसी

'The Wanderer: Tears and Laughter' : : Kahlil Gibran अंग्रेज़ी से अनुवाद: गौरव अदीब शाम के वक़्त नील नदी के किनारे एक लकड़बग्घे की मुलाक़ात घड़ियाल...
Kahlil Gibran

लिबास

'The Wanderer: Garments' : : Kahlil Gibran अंग्रेज़ी से अनुवाद: गौरव अदीब एक रोज़ समन्दर के किनारे ख़ूबसूरती की मुलाक़ात बदसूरती से हुई। उन्होंने एक दूसरे...
Anton Chekhov

गिरगिट

एक कुत्ता किस तरह एक दारोगा को गिरगिट बना देता है और उसकी नैतिकता की रंगोली सजाता है, यह पढ़िए अंतोन चेखव की इस उत्कृष्ट कहानी में! :)
Kahlil Gibran

साथ होने के लिए हमेशा पास खड़े होने की ज़रूरत नहीं होती!

'The Prophet: Marriage' : : Kahlil Gibran अंग्रेज़ी से अनुवाद: गौरव अदीब और तब अलमित्रा ने दोबारा पूछा, "शादी के बारे में आप क्या कहेंगे?" उन्होंने जवाब...
Charles Bukowski

जीवन-नृत्य

'Lifedance', a poem by Charles Bukowski अनुवाद: सुमित जो हिस्सा मस्तिष्क और आत्मा को विभाजित करता है वो कई कारणों से अनुभवों से प्रभावित होता है ― जो...
Ko Un

कान

अनुवाद: साउथ कोरियाई कवि 'को उन' की कविता 'इअर' (Ear) आ रहा है कोई, दूजे संसार से। रात्रि-वर्षा की फुसफुसाहट अब उधर जा रहा है कोई उन दोनों का...
Ko Un

राह पूछते हुए

अनुवाद: साउथ कोरियाई शायर जनाब 'को उन' की नज़्म 'आस्किंग द वे' तुम सब जाहिल, पूछते हो कि ख़ुदा क्या है बल्कि पूछना चाहिए कि ज़िन्दगी...

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Gaurav Bharti

कविताएँ: अक्टूबर 2020

किसी रोज़ किसी रोज़ हाँ, किसी रोज़ मैं वापस आऊँगा ज़रूर अपने मौसम के साथ तुम देखना मुझ पर खिले होंगे फूल उगी होंगी हरी पत्तियाँ लदे होंगे फल मैं सीखकर आऊँगा चिड़ियों की...
Asangghosh

‘अब मैं साँस ले रहा हूँ’ से कविताएँ

'अब मैं साँस ले रहा हूँ' से कविताएँ स्वानुभूति मैं लिखता हूँ आपबीती पर कविता जिसे पढ़ते ही तुम तपाक से कह देते हो कि कविता में कल्पनाओं को कवि ने...
Meena Kumari

चाँद तन्हा है, आसमाँ तन्हा

चाँद तन्हा है आसमाँ तन्हा दिल मिला है कहाँ-कहाँ तन्हा बुझ गई आस, छुप गया तारा थरथराता रहा धुआँ तन्हा ज़िन्दगी क्या इसी को कहते हैं जिस्म तन्हा है...
Bolna Hi Hai - Ravish Kumar

प्रेम की कोई जगह

रवीश कुमार की किताब 'बोलना ही है' से हर कोई इश्क़ में नहीं होता है और न हर किसी में इश्क़ करने का साहस होता...
Woman walking on street

माँ के हिस्से की आधी नींद

माँ भोर में उठती है कि माँ के उठने से भोर होती है ये हम कभी नहीं जान पाए बरामदे के घोंसले में बच्चों संग चहचहाती गौरैया माँ को...
Leaf, Autumn, Plant

अक्टूबर

यह अक्टूबर फिर से बीतने को है साल-दर-साल इस महीने के साथ तुम बीत जाती हो एक बार पूरा बीतकर भी फिर वहीं से शुरू हो जाता है...
Dagh Dehalvi

ले चला जान मेरी

ले चला जान मेरी रूठ के जाना तेरा ऐसे आने से तो बेहतर था न आना तेरा अपने दिल को भी बताऊँ न ठिकाना तेरा सब ने...
Woman doing home chores

एक इन्टरव्यू

मैंने बच्चे को नहलाती खाना पकाती कपड़े धोती औरत से पूछा— 'सुना तुमने पैंतीस साल हो गए देश को आज़ाद हुए?' उसने कहा 'अच्छा'... फिर 'पैंतीस साल' दोहराकर आँगन बुहारने लगी दफ़्तर जाती...
Kailash Gautam

कल से डोरे डाल रहा है

कल से डोरे डाल रहा है फागुन बीच सिवान में, रहना मुश्किल हो जाएगा प्यारे बंद मकान में। भीतर से खिड़कियाँ खुलेंगी बौर आम के महकेंगे, आँच पलाशों पर आएगी सुलगेंगे...
Suresh Jinagal

सुरेश जिनागल की कविताएँ: अक्टूबर 2020

ललेश्वरी बर्फ़ का सीना चीरकर उगे चिनार के नीचे बैठकर आग का कोई गीत गाती स्त्री सदियों की बर्फ़ को पिघला रही है उसकी ज़िद, उसका साहस...
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