Tag: Yogesh Dhyani

Dunya Mikhail

दुन्या मिखाइल की कविता ‘दी इराक़ी नाइट्स’ के दो अंश

इराक़ी-अमेरिकी कवयित्री दुन्या मिखाइल का जन्म बग़दाद में हुआ था और उन्होंने बग़दाद विश्वविधालय से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। सद्दाम हुसैन के शत्रुओं...
Dunya Mikhail

दुन्या मिखाइल की कविता ‘मैं जल्दी में थी’

इराक़ी-अमेरिकी कवयित्री दुन्या मिखाइल का जन्म बग़दाद में हुआ था और उन्होंने बग़दाद विश्वविधालय से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। सद्दाम हुसैन के शत्रुओं...
Yogesh Dhyani

साँझ होती है ठीक उसी की तरह सुन्दर

अँधेरे को कुचलते हुए उदय होता है सूर्य, अँधेरा होता है अस्त सूरज को कोसते हुएदोपहर हमारी खिड़कियों से हमारे भीतर दाख़िल होने की कोशिश में रहती हैधूप...
Child sitting on debris, War

अहमद मिक़दाद की कविता ‘बीस बुलेट’

कविता: 'बीस बुलेट' (Twenty Bullets) मूल कवि: अहमद मिक़दाद (Ahmed Miqdad) अनुवाद: योगेश ध्यानीमैं अपनी स्वतंत्रता के बारे में सोचते हुए एक निर्दोष पक्षी की तरह अपनी पवित्र...
Mahtem Shiferraw

मेहतम शिफ़ेरा की कविता ‘धूल एवं अस्थियाँ’

मेहतम शिफ़ेरा (Mahtem Shiferraw) इथियोपिया और इरिट्रिया की एक लेखक और दृश्य कलाकार हैं। वह Your Body Is War (यूनिवर्सिटी ऑफ़ नेब्रास्का, 2019) और...
Hands, Love, Couple

प्रेम मेरे लिए

मैं नहीं मानता उसे प्रेम जिसमें एक व्यक्ति को नसीब हो रसातल दूसरे को मिले उन्मुक्त आकाश, इसे नहीं कहा जा सकता इंसाफ़।'दोनों में बराबर बँटें दुःख' यह...
Yogesh Dhyani

कविताएँ: दिसम्बर 2020

स्वाद शहर की इन अंधेरी झोपड़ियों में पसरा हुआ है मनो उदासियों का फीकापनदूसरी तरफ़ रंगीन रोशनियों से सराबोर महलनुमा घरों में उबकाइयाँ हैं ख़ुशियों के अतिरिक्त मीठेपन सेधरती घूमती तो है मथनी की तरह...
God, Abstract Human

नदी सरीखे कोमल ईश्वर की रक्षा हेतु

हम जिस भी सर्वोच्च सत्ता के उपासक हैं इत्तेला कर दें उसे शीघ्रातिशीघ्र कि हमारी प्रार्थना और हमारे ईश्वर के मध्य घुसपैठ कर गए हैं धर्म के बिचौलिए बेमतलब...
Yogesh Dhyani

उलट-फेर

सबसे ज़्यादा असुरक्षित हैं वो जो रहते हैं सबसे छोटी झोंपड़ी मेंसबसे दुर्दान्त अपराधियों के पास हैं सबसे महँगे वकीलसबसे कपटी नेता का चरित्र सबसे साफ़ है मीडिया मेंसबसे ज़्यादा...
Kids

बड़े और बच्चे

1 बच्चे खेलते हैं खेल-खेल में लड़ते हैं मारते भी हैं एक-दूसरे को लेकिन मार नहीं डालते बड़ों की तरह। 2 छोटे बच्चे एक साथ खेलते हैं क्योंकि उन्हें पता नहीं होते लिंग के भेद बड़ों...

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Man holding train handle

आधुनिकता

मैं इक्कीसवीं सदी की आधुनिक सभ्यता का आदमी हूँ जो बर्बरता और जंगल पीछे छोड़ आया हैमैं सभ्य समाज में बेचता हूँ अपना सस्ता श्रम और दो वक़्त की...
Justyna Bargielska

यूस्टीना बारगिल्स्का की कविताएँ

1977 में जन्मीं, पोलिश कवयित्री व उपन्यासकार यूस्टीना बारगिल्स्का (Justyna Bargielska) के अब तक सात कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और उन्हें दो...
Saadat Hasan Manto

ख़ुशिया

ख़ुशिया सोच रहा था।बनवारी से काले तम्बाकूवाला पान लेकर वह उसकी दुकान के साथ लगे उस संगीन चबूतरे पर बैठा था जो दिन के...
Naresh Mehta

घर की ओर

वह— जिसकी पीठ हमारी ओर है अपने घर की ओर मुँह किये जा रहा है जाने दो उसे अपने घर।हमारी ओर उसकी पीठ— ठीक ही तो है मुँह यदि होता तो...
Upma Richa

या देवी

1सृष्टि की अतल आँखों में फिर उतरा है शक्ति का अनंत राग धूम्र गंध के आवक स्वप्न रचती फिर लौट आयी है देवी रंग और ध्वनि का निरंजन...
Chen Kun Lun

चेन कुन लुन की कविताएँ

चेन कुन लुन का जन्म दक्षिणी ताइवान के काओशोंग शहर में सन 1952 में हुआ। वह एक सुधी सम्पादक रहे हैं। चेन लिटरेरी ताइवान...
Bharat Ke Pradhanmantri - Rasheed Kidwai

किताब अंश: भारत के प्रधानमंत्री

सुपरिचित पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई की किताब 'भारत के प्रधानमंत्री : देश, दशा, दिशा' भारत के पहले प्रधानमंत्री से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री...
Muktibodh - Premchand

मेरी माँ ने मुझे प्रेमचन्द का भक्त बनाया

एक छाया-चित्र है। प्रेमचन्द और प्रसाद दोनों खड़े हैं। प्रसाद गम्भीर सस्मित। प्रेमचन्द के होंठों पर अस्फुट हास्य। विभिन्न विचित्र प्रकृति के दो धुरन्धर...
Manish Kumar Yadav

लगभग विशेषण हो चुका शासक

किसी अटपटी भाषा में दिए जा रहे हैं हत्याओं के लिए तर्क'एक अहिंसा है जिसका सिक्का लिए गांधीजी हर शहर में खड़े हैं लेकिन जब भी सिक्का उछालते...
Village, Farmer

किसान को कौन जानता है?

हवा को जितना जानता है पानी कोई नहीं जानतापानी को जितना जानती है आग कोई नहीं जानताआग को जितना जानते हैं पेड़ कोई नहीं जानतापेड़ को जितना...
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