अनुवाद: पुनीत कुसुम

स्वर्ग में, एक गिरिजाघर है हर एक उम्मीद के लिए
और हर उस उम्मीद के लिए जो अधूरी रही, एक गिरिजाघर है

शार्क नहीं करती आक्रमण जलपरियों पर
क्योंकि उन्हें भी ज़रूरत है अपनेपन की

हाँ, धुंध करती है बादलों से बातें
लेकिन क्या वह हमेशा फुसफुसा कर बोलती है?

अगर हमारी इच्छाएँ ओस से सींची जाती हों
तो यह सच है कि हम एक कल के इंतज़ार में हैं!

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एम. टी. सी. क्रोनिन
एमटीसी क्रोनिन (जन्म 1963) एक समकालीन ऑस्ट्रेलियाई कवि हैं।

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