मंजरी झर जाती है

'तसलीमा नसरीन की कविताएँ' से मूल बांग्ला से अनुवाद: मुनमुन सरकार थोड़े में ही ख़ुश हो जाती हूँ इसका मतलब यह नहीं कि छोड़े और फेंके के...

एमिली डिकिंसन की कविता ‘मृत्य के पार गमन’

Poem: 'Because I Could Not Stop For Death' Poetess: Emily Dickinson भावानुवाद: नम्रता श्रीवास्तव यद्यपि मृत्युपरांत यात्रा पर अग्रसर हो चुकी थी मैं पर याचना करके उस काल ने...

अरबी बाज़ार

Short Story: 'Araby' Writer: James Joyce अनुवाद: उपमा ऋचा लेखक परिचय: आयरलैण्ड के रचनाकार जेम्स जॉयस (1882-1941) ने सिर्फ़ कहानियाँ ही नहीं लिखीं, उपन्यास भी लिखे और साहित्य...

ओरहान वेली की कविता ‘मैं समझा नहीं सकता’

Poem: 'I Can't Tell' - Orhan Veli Kanik Translation from Original (Turkish): Talât Sait Halman अंग्रेज़ी से अनुवाद: देवेश पथ सारिया अगर रोता हूँ मैं क्या तुम कविता में...

पेरुमल मुरुगन की कविताएँ

Poems: Perumal Murugan Book: 'Songs Of A Coward' अनुवाद: आदर्श भूषण अन्त्येष्टि की ख़बर उस दिन, सड़क शमशान में तब्दील हो गयी जो आए थे चिता को अग्नि...

डी. एच. लॉरेंस की कविता ‘उखड़े हुए लोग’

अनुवाद: रामधारी सिंह 'दिनकर' अकेलेपन से जो लोग दुःखी हैं, वृत्तियाँ उनकी निश्चय ही, बहिर्मुखी हैं। सृष्टि से बाँधने वाला तार उनका टूट गया है; असली आनन्द का आधार छूट गया है। उद्गम...

लैंग्स्टन ह्यूज की कविता ‘हारलम’

Poem: Harlem by Langston Hughes Translation: Arjita Mital क्या होता है जब कोई सपना अधूरा रह जाता है? क्या वह धूप में रखी किशमिश की तरह मुरझा जाता...

युद्ध और शान्ति

कवि: जॉन गुज़लॉस्की अनुवाद: देवेश पथ सारिया युद्ध तुम्हें मार देगा और ठण्डा पड़ा छोड़ देगा तुम्हें गलियों में या खेतों में बमों से विध्वंस हुई इमारतों की ईंटों की तरह पर चिन्ता...

मज़हब की शुरुआत और काम का बँटवारा

अनुवाद: प्रेमचंद पिछले ख़त में मैंने तुम्हें बतलाया था कि पुराने ज़माने में आदमी हर एक चीज़ से डरता था और ख़याल करता था कि...

सात कहानियाँ – लीडिया डेविस

लघु-कहानियों के लिए चर्चित अमेरिकी कथाकार लीडिया डेविस ने निबन्ध, अनुवाद और उपन्यास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण काम किया है। फ़्रांसीसी व अन्य...

अगर

Poem: 'If' - Rudyard Kipling अनुवाद: प्रीता अरविन्द अगर आपके आसपास लोग ग़लतियाँ कर उसका ठीकरा आपके सर फोड़ें और आप शांत रहें, अगर सभी लोग आप पर संदेह करें...

वहम

मूल कविता: 'वहम' - विजय राही अनुवाद: असना बद्र जब भी सोचा मौत के बारे में मैंने चंद चेहरे रूबरू से आ गए वो जो करते हैं मोहब्बत बे...

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Anamika

पतिव्रता

जैसे कि अंग्रेज़ी राज में सूरज नहीं डूबा था, इनके घर में भी लगातार दकदक करती थी एक चिलचिलाहट। स्वामी जहाँ नहीं भी होते थे होते थे उनके वहाँ पँजे, मुहर,...
Ali Sardar Jafri

निवाला

माँ है रेशम के कारख़ाने में बाप मसरूफ़ सूती मिल में है कोख से माँ की जब से निकला है बच्चा खोली के काले दिल में है जब...
Naveen Sagar

बचते-बचते थक गया

दिन-रात लोग मारे जाते हैं दिन-रात बचता हूँ बचते-बचते थक गया हूँ न मार सकता हूँ न किसी लिए भी मर सकता हूँ विकल्‍प नहीं हूँ दौर का कचरा हूँ हत्‍या...
Paash

आधी रात में

आधी रात में मेरी कँपकँपी सात रज़ाइयों में भी न रुकी सतलुज मेरे बिस्तर पर उतर आया सातों रज़ाइयाँ गीली बुख़ार एक सौ छह, एक सौ सात हर साँस पसीना-पसीना युग...
Giving Flower, Love, Joy, Happiness, Flower

सुन्दर बातें

जब हम मिले थे वह समय भी अजीब था शहर में दंगा था कोई कहीं आ-जा नहीं सकता था एक-दूसरे को वर्षों से जानने वाले लोग एक-दूसरे को अब...
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प्रश्न

मोड़ोगे मन या सावन के घन मोड़ोगे? मोड़ोगे तन या शासन के फन मोड़ोगे? बोलो साथी! क्या मोड़ोगे? तोड़ोगे तृण या धीरज धारण तोड़ोगे? तोड़ोगे प्रण या भीषण शोषण तोड़ोगे? बोलो साथी! क्या...
Rajesh Joshi

पृथ्वी का चक्कर

यह पृथ्वी सुबह के उजाले पर टिकी है और रात के अंधेरे पर यह चिड़ियों के चहचहाने की नोक पर टिकी है और तारों की झिलमिल लोरी पर तितलियाँ...
Harivansh Rai Bachchan

कवि के मुख से : मधुशाला

ऑल इण्डिया रेडियो, लखनऊ, से प्रसारित, 1941 मेरी सबसे पहली रचना 'तेरा हार' 1932 में प्रकाशित हुई थी। उसकी प्रशंसा मैंने पत्रों में पढ़ी थी...
Dictatorship

सुनो तानाशाह!

सुनो तानाशाह! एक दिन चला जाऊँगा एक नियत दिन जो कई वर्षों से मेरी प्रतीक्षा में बैठा है मेरी जिजीविषा का एक दिन जिसका मुझे इल्म तक नहीं है— क्या...
Bhagat Singh

सत्याग्रह और हड़तालें

'भगत सिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़' से जून, 1928 'किरती' में इन दो विषयों पर टिप्पणियाँ छपीं। भगतसिंह 'किरती' के सम्पादक मण्डल...
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