येहूदा एमिहाए की कविता ‘और हम उत्साहित नहीं होंगे’

Poem: And We Shall Not Get Excited Poet: Yehuda Amichai Translated from the Hebrew by Barbara and Benjamin Harshav अंग्रेज़ी से अनुवाद: सृष्टि ठाकुर और हम उत्साहित नहीं...

ईश्वर की देह

किताब 'आत्मा की आँखें' से कविता: डी एच लॉरेंस अनुवाद: रामधारी सिंह दिनकर ईश्वर वह प्रेरणा है, जिसे अब तक शरीर नहीं मिला है। टहनी के भीतर अकुलाता हुआ फूल, जो...

फ़्रेके राइहा की कविताएँ

Poems: Freke Räihä in Hindi translation Translation: Pankhuri Sinha मूल कविता: स्वीडिश कवि फ़्रेके राइहा अनुवाद: पंखुरी सिन्हा कवि परिचय: अट्ठारह कविता पुस्तकों के रचयिता फ़्रेके राइहा स्वीडन...

तादेऊष रूज़ेविच की कविता ‘ज़िन्दा बच गया’

'जीवन के बीचोंबीच' : तादेऊष रूज़ेविच की कविताएँ से अनुवाद: आग्नयेष्का कूच्क्येवीच-फ़्राश और कुँवर नारायण मैं चौबीस का हूँ मेरा वध होना था बच गया। खोखले हैं ये सारे...

मंजरी झर जाती है

'तसलीमा नसरीन की कविताएँ' से मूल बांग्ला से अनुवाद: मुनमुन सरकार थोड़े में ही ख़ुश हो जाती हूँ इसका मतलब यह नहीं कि छोड़े और फेंके के...

एमिली डिकिंसन की कविता ‘मृत्य के पार गमन’

Poem: 'Because I Could Not Stop For Death' Poetess: Emily Dickinson भावानुवाद: नम्रता श्रीवास्तव यद्यपि मृत्युपरांत यात्रा पर अग्रसर हो चुकी थी मैं पर याचना करके उस काल ने...

अरबी बाज़ार

Short Story: 'Araby' Writer: James Joyce अनुवाद: उपमा ऋचा लेखक परिचय: आयरलैण्ड के रचनाकार जेम्स जॉयस (1882-1941) ने सिर्फ़ कहानियाँ ही नहीं लिखीं, उपन्यास भी लिखे और साहित्य...

ओरहान वेली की कविता ‘मैं समझा नहीं सकता’

Poem: 'I Can't Tell' - Orhan Veli Kanik Translation from Original (Turkish): Talât Sait Halman अंग्रेज़ी से अनुवाद: देवेश पथ सारिया अगर रोता हूँ मैं क्या तुम कविता में...

पेरुमल मुरुगन की कविताएँ

Poems: Perumal Murugan Book: 'Songs Of A Coward' अनुवाद: आदर्श भूषण अन्त्येष्टि की ख़बर उस दिन, सड़क शमशान में तब्दील हो गयी जो आए थे चिता को अग्नि...

डी. एच. लॉरेंस की कविता ‘उखड़े हुए लोग’

अनुवाद: रामधारी सिंह 'दिनकर' अकेलेपन से जो लोग दुःखी हैं, वृत्तियाँ उनकी निश्चय ही, बहिर्मुखी हैं। सृष्टि से बाँधने वाला तार उनका टूट गया है; असली आनन्द का आधार छूट गया है। उद्गम...

लैंग्स्टन ह्यूज की कविता ‘हारलम’

Poem: Harlem by Langston Hughes Translation: Arjita Mital क्या होता है जब कोई सपना अधूरा रह जाता है? क्या वह धूप में रखी किशमिश की तरह मुरझा जाता...

जॉन गुज़लॉस्की की कविता ‘युद्ध और शान्ति’

कवि: जॉन गुज़लॉस्की अनुवाद: देवेश पथ सारिया युद्ध तुम्हें मार देगा और ठण्डा पड़ा छोड़ देगा तुम्हें गलियों में या खेतों में बमों से विध्वंस हुई इमारतों की ईंटों की तरह पर चिन्ता...

STAY CONNECTED

35,734FansLike
15,378FollowersFollow
22,311FollowersFollow
934SubscribersSubscribe

RECENT POSTS

Manav Kaul - Antima

मानव कौल – ‘अंतिमा’

मानव कौल के उपन्यास 'अंतिमा' से उद्धरण | Quotes from 'Antima' by Manav Kaul चयन व प्रस्तुति: पुनीत कुसुम   "बहुत वक़्त तक मैं मेरे भीतर की...
Alok Kumar Mishra

‘क’ से ‘कमल’, ‘क’ से ‘कश्मीर’

'क' से 'कमल' वाले इस देश में 'क' से 'कश्मीर' भी हो सकता है पर उसके लिए आँखों को थोड़ा सजल करना होगा हृदय में उतरना होगा दिमाग़ की परतों...
Kaun Hain Bharat Mata - Purushottam Agrawal

किताब अंश: ‘कौन हैं भारत माता?’ – पुरुषोत्तम अग्रवाल

राष्ट्र और राष्ट्रवाद को लेकर देश में लगातार चल रही बहसों के बीच राजकमल प्रकाशन ने 'कौन हैं भारत माता' पुस्तक प्रकाशित की है।...
Tasneef

हसनैन जमाल के नाम एक ख़त (अपनी शायरी के हवाले से)

भाई हसनैन! आपने कई बार ग़ज़लें माँगीं और मैं हर बार शर्मिंदा हुआ कि क्या भेजूँ? ऐसा नहीं है कि पुराने शेरी मजमूए के बाद...
Gorakh Pandey

फूल

फूल हैं गोया मिट्टी के दिल हैं धड़कते हुए बादलों के ग़लीचों पे रंगीन बच्चे मचलते हुए प्यार के काँपते होंठ हैं मौत पर खिलखिलाती हुई चम्पई ज़िन्दगी जो कभी मात...
Balli Singh Cheema

तय करो किस ओर हो तुम

तय करो किस ओर हो तुम, तय करो किस ओर हो आदमी के पक्ष में हो या कि आदमख़ोर हो। ख़ुद को पसीने में भिगोना ही...
Sahir Ludhianvi

ये दुनिया दो-रंगी है

ये दुनिया दो-रंगी है एक तरफ़ से रेशम ओढ़े, एक तरफ़ से नंगी है एक तरफ़ अंधी दौलत की पागल ऐश-परस्ती एक तरफ़ जिस्मों की क़ीमत रोटी...
Harry Potter - Voldemort

सपने में वॉल्डेमॉर्ट

आप जानते हैं रॉल्फ़ फ़ाइंस को? "तुम जानते हो कौन... वो, जिसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए!" हाँ वही, जो वॉल्डेमॉर्ट बने थे हैरी पॉटर में जिसे देख काँप उठती थी बच्चों...
Bolna Hi Hai - Ravish Kumar

रवीश कुमार – ‘बोलना ही है’

रवीश कुमार की किताब 'बोलना ही है' से उद्धरण | Quotes from 'Bolna Hi Hai' (The Free Voice), a book by Ravish Kumar (चयन एवं...
Rahul Boyal

मैं शब्द खो दूँगा एक दिन

मैं शब्द खो दूँगा एक दिन एक दिन भाषा भी चुक जाएगी मेरी मैं बस सुना करूँगा तुम्हें कहूँगा कुछ नहीं जबकि याद आएगी तुम्हारी हो जाऊँगा बरी अपने आप से तुम भी...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;-)