बद्रीनारायण

बद्रीनारायण
5 POSTS 0 COMMENTS
जन्म: 5 अक्टूबर 1965, भोजपुर, बिहार. कविता संग्रह: सच सुने कई दिन हुए, शब्दपदीयम, खुदाई में हिंसा. भारत भूषण पुरस्कार, बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान, शमशेर सम्मान, राष्ट्र कवि दिनकर पुरस्कार, स्पंदन सम्मान, केदार सम्मान

STAY CONNECTED

32,392FansLike
13,036FollowersFollow
21,936FollowersFollow
759SubscribersSubscribe

Recent Posts

Yashpal

अख़बार में नाम

जून का महीना था, दोपहर का समय और धूप कड़ी थी। ड्रिल-मास्टर साहब ड्रिल करा रहे थे। मास्टर साहब ने लड़कों को एक लाइन में...
Vidrohi

जन-प्रतिरोध

जब भी किसी ग़रीब आदमी का अपमान करती है ये तुम्हारी दुनिया, तो मेरा जी करता है कि मैं इस दुनिया को उठाकर पटक दूँ! इसका गूदा-गूदा छींट जाए। मज़ाक़ बना...
R Chetankranti

मर्दानगी

पहला नियम तो ये था कि औरत रहे औरत फिर औरतों को जन्म देने से बचे औरत जाने से पहले अक़्ल-ए-मर्द ने कहा ये भी— मर्दों की...
Girl, Woman

पीड़ा, नायिका

पीड़ा ढल चुका है दिन ढल गया पुष्पों का यौवन... अछोर आकाश में अब चाँद ढल रहा धीरे-धीरे डूब रहे हैं नक्षत्र देखो! रात ढल गई आधी-आधी... आयु ढल गई ढल गए वे दिन सहर्ष जिए थे जो...
Meenakshi Joshi

मीनाक्षी जोशी की कविताएँ

मध्यरात्रि का स्वप्न तुम मेरे लिए एक पुच्छल तारा हो जिसे जब भी देखती हूँ तो लगता है यह कहीं आख़िरी बार तो नहीं! फिर अपनी पलकों के टूटे हुए एक बाल...
Alok Dhanwa

सवाल ज़्यादा हैं

पुराने शहर उड़ना चाहते हैं लेकिन पंख उनके डूबते हैं अक्सर ख़ून के कीचड़ में! मैं अभी भी उनके चौराहों पर कभी भाषण देता हूँ जैसा कि मेरा काम रहा वर्षों से लेकिन...
Leeladhar Jagudi

कला भी ज़रूरत है

मेहनत और प्रतिभा के खेत में समूहगान से अँकुवाते कुछ बूटे फूटे हैं जिनकी वजह से कठोर मिट्टी के भी कुछ हौसले टूटे हैं कुछ धब्बे अपने...
Sushant Supriye

एक दिन अचानक

एक शाम आप दफ़्तर से घर आते हैं—थके-माँदे। दरवाज़े पर लगा ताला आपको मुँह चिढ़ा रहा है। सुमी कहाँ गई होगी—ज़हन में ग़ुब्बारे-सा सवाल...
Phanishwarnath Renu

ईश्वर रे, मेरे बेचारे!

अपने सम्बन्ध में कुछ लिखने की बात मन में आते ही मन के पर्दे पर एक ही छवि 'फेड इन' हो जाया करती है...
Sushila Takbhore

अनुत्तरित प्रश्न

गूँजती है आवाज़ यदि किसी गहरे कुएँ से, अँधेरी गुफा से कुछ कहा जाए प्रतिउत्तर में ध्वनि गूँजती है। मगर तुम कभी जवाब नहीं देते मुझे नगण्य मानते हो या चाहते...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;-)