मैंने प्यार की एक पंचवर्षीय योजना बनाई थी
जिसके अनुसार
पहले वर्ष- दर्शन
दूसरे वर्ष- संलाप
तीसरे वर्ष- मैत्री
चौथे वर्ष- प्रस्ताव
और पाँचवे वर्ष- मिलन का विचार था।
पर पहले वर्ष पहले ही दिन उन्होंने संलाप करना चाहा
और मेरे न करने पर वे मुझे अयोग्य मान बैठे
और मैं सोच रहा हूँ कि
अब योजना को क्या रूप दूँ।

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भारतभूषण अग्रवाल
भारत भूषण अग्रवाल हिन्दी के प्रतिष्ठित साहित्यकार थे। इनके द्वारा रचित एक कविता–संग्रह 'उतना वह सूरज है' के लिये उन्हें सन् 1978 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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