मनजीत कौर मीत कृत ‘आज़ादी के पहले और बाद’

nayi kitaab - azadi ke pehle aur baad - manjeet kaur meet

विवरण: ‘आज़ादी के पहले और बाद’ को तीन खण्डों में विभाजित किया गया है; पहले खण्ड में ईस्ट इंडिया कम्पनी के भारत में आने से लेकर आज़ादी मिलने तक का वर्णन, इतिहास के तथ्यों और तारीख़ों सहित गद्य और पद्य दोनों ही रूपों में वर्णित किया गया है… दूसरे खण्ड में विभाजन की त्रासदी का कड़वा सच वर्णन करने की कोशिश है। तीसरे और अंतिम खण्ड में, उठते -गिरते, मुश्किलों से लड़ते आम आदमी की आज की समस्याओं को उभारने का प्रयत्न है। यह पुस्तक, काव्यात्मक और गद्यात्मक दोनों ही रूपों में लिखी गई है।

  • Paperback: 112 pages
  • Publisher: Anjuman Prakashan; First edition (2018)
  • ISBN-10: 9386027917
  • ISBN-13: 978-9386027917

इस किताब को खरीदने के लिए ‘आज़ादी के पहले और बाद’ पर या नीचे दी गयी इमेज पर क्लिक करें!

nayi kitaab - azadi ke pehle aur baad - manjeet kaur meet

Random Posts:

Recent Posts

रुत

रुत

दिल का सामान उठाओ जान को नीलाम करो और चलो दर्द का चाँद सर-ए-शाम निकल आएगा क्या मुदावा है चलो…

Read more
आदत

आदत

कविता संग्रह 'लौटा है विजेता' से मरदों ने घर को लौटने का पर्याय बना लिया और लौटने को मर जाने…

Read more
नतीजा

नतीजा

पुरबी दी के सामने उद्विग्‍न भाव से रूमा ने 'होम' की बच्चियों की छमाही परीक्षा के कार्ड सरका दिए। नतीजे…

Read more

Featured Posts

मैं पाँचवे का दोषी हूँ

मैं पाँचवे का दोषी हूँ

'मैं पाँचवे का दोषी हूँ' - विशेष चन्द्र 'नमन' शाम के लिए पिघली है धूप लौटा है सूरज किसी गह्वर…

Read more
सा रे गा मा ‘पा’किस्तान

सा रे गा मा ‘पा’किस्तान

सा रे गा मा 'पा'किस्तान - शिवा सामवेद से जन्मे सुरों को लौटा दो हिन्दुस्तान को और कह दो पाकिस्तान से…

Read more
प्यार मत करना

प्यार मत करना

'प्यार मत करना' - कुशाग्र अद्वैत जिस शहर में पुश्तैनी मकान हो बाप की दुकान हो गुज़रा हो बचपन हुए…

Read more

Leave a Reply

Close Menu
error: