Tag: Cry

Adarsh Bhushan

रुदन की व्यंजनाएँ

मैं कभी नहीं रोया मुझे किसी ने रोते हुए देखा भी नहीं रुदन साहस माँगता है मैं अपनी आँखों को हमेशा कातर असहजता के ढाई इंच नीचे की स्मिति से ढाँपता रहा जब...
Subhadra Kumari Chauhan

हे काले-काले बादल

यह कैसा दुःख कि आँखें बादलों से होड़ लगाने पर तुली हैं!! "हे काले-काले बादल, ठहरो, तुम बरस न जाना। मेरी दुखिया आँखों से, देखो मत होड़ लगाना॥"
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