Tag: Liberation
मुक्ति
चरित्र के समस्त आयाम
केवल स्त्री के लिए ही परिभाषित हैं
मैं सिन्दूर लगाना नहीं भूलती
और हर जगह स्टेटस में मैरिड लगा रखा है
जैसे ये कोई...
मुक्ति
'Mukti', a poem by Deepak Singh
स्वयं से मिलने की यात्रा
मुक्ति की यात्रा है!
मैं मुक्त होना चाहता हूँ
किन्तु
तुम्हें भूलना नहीं चाहता
याद है तुम्हें?
तुम मुझे यात्री...

