डा. शिवानी मातनहेलिया

डा. शिवानी मातनहेलिया
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जब ह्रृदय में अनुभूतियों की तपिश बहुत बढ़ जाती है तो शब्दों के बादल उमड़ते हुए, कागज़ की ज़मीन पर कविता के रूप में बरस पड़ते हैं... एक बहुत ही संवेदनशील और प्रतिभाशाली कवियित्री डॉ. शिवानी मातनहेलिया मूल रूप से संगीत विद् हैं, जिन्हें संगीत के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान "यश भारती" प्राप्त है। अन्य 25 से अधिक सम्मानों से विभूषित शिवानी जी उत्कृष्ट गायिका होने के साथ-साथ संगीत निर्देशक, गीतकार, लेखिका, वक्ता, शोधार्थी, एवं शिक्षिका का अद्भुत समन्वय हैं। शिवानी अपने मन की गहनतम अनुभूतियों और भावनाओं को कविताओं के माध्यम से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी कविताएं जीवन के यथार्थ और सच्चे अनुभवों का प्रतिबिंब हैं, इसलिए पढ़ने वाले का उनकी कविताओं से एक सहज सा संबंध बन जाता है। दुख और निराशा के गहरे अंधेरे में रोशनी की किरण ढूंढती शिवानी की कविताएं जीवन को सकारात्मक ढंग से देखने और पीड़ा में भी सुंदरता को खोजने की कोशिश करती हुई लगती हैं। गीत, ग़ज़ल, छंदमुक्त कविता- काव्य की सभी विधाओं पर शिवानी का समान अधिकार है।कविता के अनूठे और अछूते विषय, शब्दों के चयन में विविधता, भाषा पर मजबूत पकड़, भावों का निर्बाध प्रवाह, कविता के मूल विचार का संयमित विस्तार, सुगठित छंदबद्धता और लयात्मकता - ये सब विशेषताएं शिवानी की कविताओं को विशिष्ट बना देती हैं।

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