Tag: Humorous

Raghuvir Sahay

रास्ता इधर से है

वह एक वाहियात दिन था। सब कुछ शांत था—यहाँ, इस कमरे में जहाँ किसी के चलने की भी आवाज़ नहीं सुनायी पड़ सकती थी,...
Train

भारतीय रेल

एक बार हमें करनी पड़ी रेल की यात्रा देख सवारियों की मात्रा पसीने लगे छूटने हम घर की तरफ़ लगे फूटने इतने में एक कुली आया और हमसे फ़रमाया— साहब...

चाय-चक्रम्

एकहि साधे सब सधे, सब साधे सब जाय। दूध, दही, फल, अन्न, जल छोड़ पीजिए चाय॥ छोड़ पीजिए चाय, अमृत बीसवीं सदी का। जग-प्रसिद्ध जैसे गंगाजल गंग...
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