वर्जिनिया वूल्फ – कुछ पंक्तियाँ

दूसरों की आँखें हमारे कैदखाने हैं; उनके विचार हमारी गुफाएँ।

कुछ लोग पुजारियों के पास जाते हैं; कुछ कविताई करते हैं; मैं अपने दोस्तों के पास जाती हूँ।

जीवन को नजरअंदाज कर आप शांति नहीं पा सकते।

अगर किसी ने अच्छे से न खाया हो, तो वह न तो ठीक से सोच सकता है, न ही सो सकता है और न ही अच्छे से प्रेम कर सकता है।

औरत के रूप में मेरे पास कोई देश नहीं है, औरत के रूप में मेरा देश पूरी दुनिया है।

पुरुषों के लिए स्त्रियाँ क्यों इतनी ज्यादा दिलचस्प होती हैं जितने दिलचस्प पुरुष नहीं होते स्त्रियों के लिए?

किसी स्त्री को अगर कथा साहित्य लिखना हो तो उसके पास पैसा और अपना खुद का कमरा जरूर होना चाहिए।

जैसे-जैसे किसी की उम्र बढ़ती है, उसे अशिष्टता और ज्यादा भाने लगती है।

जब कोई स्त्रियों के साथ मित्रवत हो सकता है, तब कितनी खुशी होती है – पुरुषों के साथ रिश्ते के मुकाबले यह रिश्ता कितना निजी और गुप्त होता है। क्यों न इसके बारे में ईमानदारी से लिखा जाए?

किसी भी पुरुष या स्त्री के लिए खाँटी महिला या पुरुष होना जानलेवा है : स्त्री को थोड़ा मर्दाना और पुरुष को थोड़ा जनाना होना चाहिए।

किसी यथार्थ की हत्या से कहीं ज्यादा मुश्किल किसी प्रेत की हत्या करना है।

अपने पिता पर निर्भर रहने की तुलना में अपने पेशे पर निर्भर रहना गुलामी का कम घिनौना रूप है।

पोशाक और युद्ध के बीच संबंध की तलाश करना मुश्किल नहीं है; आपकी सबसे बेहतरीन पोशाक वह है जिसे आप सैनिक की तरह पहनते हैं।

इस नजरिए का समर्थन करने के लिए पर्याप्त तर्क हैं कि हम कपड़ों को नहीं पहनते हैं, कपड़ें हमें पहनते हैं। हम उन्हें बाँह या छाती के आकार के मुताबिक बना सकते हैं, पर वे हमारे हृदय, हमारे दिमाग, हमारी जीभ को अपने अनुसार ढाल लेते हैं।

अगर आप अपने बारे में सच नहीं बोल सकते, तो दूसरों के बारे में भी सच नहीं बोल सकते।

मेरी जड़ें हैं, फिर भी प्रवाहमान हूँ।