जंग

जंग इक जोश है
‏आग है, रोष है
‏बस उन्हीं के लिए
‏जिनको सरहद पे गोली चलाना नहीं
‏जिनके सीने किसी का निशाना
‏नहीं

‏जंग सौभाग है
‏जज़्ब है, त्याग है
‏बस उन्हीं के लिए
‏जिनकी माओं के दिल आज़माना नहीं
‏जिनके बच्चों को ये ग़म उठाना नहीं

‏जंग इक शौक़ है
‏रंग है, ज़ौक़ है
‏बस उन्हीं के लिए
‏बेनियाज़ी का जिनकी ठिकाना नहीं
‏मौत क्या है जिन्होंने ये जाना नहीं

‏जंग होने की ख़ुशियाँ मनाते हैं वो

‏गोरकुन या के मुर्दे जलाते हैं, वो।
‏या कफ़न की दुकानें चलाते हैं, वो।