रेल की रात

'रेल की रात' - इलाचंद्र जोशी गाड़ी आने के समय से बहुत पहले ही महेंद्र स्टेशन पर जा पहुँचा था।…

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भेड़िये

'भेड़िये' - भुवनेश्वर 'भेड़िया क्या है', खारू बंजारे ने कहा, 'मैं अकेला पनेठी से एक भेड़िया मार सकता हूँ।'.. मैंने…

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रहमान का बेटा

कहानी: 'रहमान का बेटा' - विष्णु प्रभाकर क्रोध और वेदना के कारण उसकी वाणी में गहरी तलखी आ गई थी…

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एक जीवी, एक रत्नी, एक सपना
PARIS, FRANCE - MARCH 29: Indian writer Amrita Pritam poses during portrait session held on March 29, 1983 in Paris, France. (Photo by Ulf Andersen/Getty Images)

एक जीवी, एक रत्नी, एक सपना

'एक जीवी, एक रत्नी, एक सपना' - अमृता प्रीतम 'पालक एक आने गठ्ठी, टमाटर छह आने रत्तल और हरी मिर्चें…

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ग्राम

'ग्राम' - जयशंकर प्रसाद टन! टन! टन! स्टेशन पर घंटी बोली। श्रावण-मास की संध्या भी कैसी मनोहारिणी होती है! मेघ-माला-विभूषित…

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सैक्स फंड

'सैक्स फंड' - सुषमा गुप्ता "आंटी जी चंदा इकठ्ठा कर रहें हैं। आप भी कुछ अपनी इच्छा से दे दीजिए।"…

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अलग्योझा

'अलग्योझा' - प्रेमचंद भोला महतो ने पहली स्त्री के मर जाने बाद दूसरी सगाई की तो उसके लड़के रग्घू के…

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मजदूर का एक दिन

'मजदूर का एक दिन' - अनुराग शर्मा बाईं आँख रह-रह कर फड़क रही थी। कई बार मला मगर कोई फायदा…

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कवि का हृदय
Portrait of Indian author and poet Rabindranath Tagore, circa 1935. (Photo by Fox Photos/Hulton Archive/Getty Images)

कवि का हृदय

'कवि का हृदय' - रवीन्द्रनाथ टैगोर चांदनी रात में भगवान विष्णु बैठे मन-ही-मन गुनगुना रहे थे- ''मैं विचार किया करता…

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धुआँ

'धुआँ' - गुलज़ार बात सुलगी तो बहुत धीरे से थी, लेकिन देखते ही देखते पूरे कस्बे में 'धुआँ' भर गया।…

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