पुस्तक अंश | Book Excerpt

‘वो विल (will) करेगी ही नहीं, जब करेगी वोंट (won’t) करेगी’

पुस्तक अंश: ‘हीरा फेरी’ – सुरेन्द्र मोहन पाठक वसीयत एक ऐसा काम है जिस की अहमियत को आज लोग – पढ़े लिखे भी – तरीके से नहीं समझते। जो समझते हैं, वो उसे अपनी जिन्दगी Read more…

By Posham Pa, ago
पुस्तक समीक्षा | Book Reviews

‘हीरा फेरी’ – सुरेन्द्र मोहन पाठक का इकसठ माल

जितना बड़ा नाम सुरेन्द्र मोहन पाठक हिन्दी के अपराध लेखन या पोपुलर साहित्य में रखते हैं, उस हिसाब से आज भी मुझे लगता है कि उन्हें कम पढ़ा गया है। मेरी इस बात को पाठक Read more…

By Puneet Kusum, ago

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