गुणवान बहुत
गणतंत्र हमारा
जनमंत्रों से
अभिमंत्रित है.
विश्वगुरु हम
थे सदियों
फिर गुरू विश्व के
हों सदियों.
***
© मनोज मीक
गुणवान बहुत
गणतंत्र हमारा
जनमंत्रों से
अभिमंत्रित है.
विश्वगुरु हम
थे सदियों
फिर गुरू विश्व के
हों सदियों.
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© मनोज मीक