निबन्ध | Essay

‘कुटज’ – हजारी प्रसाद द्विवेदी

ललित निबन्ध: ‘कुटज’ – हजारीप्रसाद द्विवेदी कहते हैं, पर्वत शोभा-निकेतन होते हैं। फिर हिमालय का तो कहना ही क्‍या। पूर्व और अपार समुद्र – महोदधि और रत्‍नाकर – दोनों को दोनों भुजाओं से थाहता हुआ Read more…

By Posham Pa, ago
कहानी | Story

कहानी: ‘पुरस्कार’ – जयशंकर प्रसाद

‘पुरस्कार’ – जयशंकर प्रसाद आर्द्रा नक्षत्र; आकाश में काले-काले बादलों की घुमड़, जिसमें देव-दुन्दुभी का गम्भीर घोष। प्राची के एक निरभ्र कोने से स्वर्ण-पुरुष झाँकने लगा था।-देखने लगा महाराज की सवारी। शैलमाला के अञ्चल में Read more…

By Posham Pa, ago
कहानी | Story

कहानी: ‘कुत्ते की पूँछ’ – यशपाल

‘कुत्ते की पूँछ‘ – यशपाल श्रीमती जी कई दिन से कह रही थीं- “उलटी बयार” फ़िल्म का बहुत चर्चा है, देख लेते तो अच्छा था। देख आने में ऐतराज़ न था परन्तु सिनेमा शुरू होने Read more…

By Posham Pa, ago
निबन्ध | Essay

‘धोखा’ – प्रतापनारायण मिश्र

‘धोखा’ – प्रतापनारायण मिश्र इन दो अक्षरों में भी न जाने कितनी शक्ति है कि इनकी लपेट से बचना यदि निरा असंभव न हो तो भी महा कठिन तो अवश्य है। जबकि भगवान रामचंद्र ने Read more…

By Posham Pa, ago
पुस्तक समीक्षा | Book Reviews

‘आधे-अधूरे’: अपूर्ण महत्त्वाकांक्षाओं की कलह

मोहन राकेश का नाटक ‘आधे-अधूरे’ एक मध्यमवर्गीय परिवार की आंतरिक कलह और उलझते रिश्तों के साथ-साथ समाज में स्त्री-पुरुष के बीच बदलते परिवेश तथा एक-दूसरे से दोनों की अपेक्षाओं को चित्रित करता है। महेन्द्रनाथ बहुत Read more…

By Puneet Kusum, ago
कहानी | Story

कहानी: ‘सिक्का बदल गया’ – कृष्णा सोबती

‘सिक्का बदल गया’ – कृष्णा सोबती खद्दर की चादर ओढ़े, हाथ में माला लिए शाहनी जब दरिया के किनारे पहुंची तो पौ फट रही थी। दूर-दूर आसमान के परदे पर लालिमा फैलती जा रही थी। Read more…

By Posham Pa, ago
कहानी | Story

कहानी: ‘एक दिन का मेहमान’ – निर्मल वर्मा

‘एक दिन का मेहमान’ – निर्मल वर्मा उसने अपना सूटकेस दरवाजे के आगे रख दिया। घंटी का बटन दबाया और प्रतीक्षा करने लगा। मकान चुप था। कोई हलचल नहीं – एक क्षण के लिए भ्रम Read more…

By Posham Pa, ago
कहानी | Story

कहानी: ‘चीफ की दावत’ – भीष्म साहनी

‘चीफ की दावत’ – भीष्म साहनी आज मिस्टर शामनाथ के घर चीफ की दावत थी। शामनाथ और उनकी धर्मपत्नी को पसीना पोंछने की फुर्सत न थी। पत्नी ड्रेसिंग गाउन पहने, उलझे हुए बालों का जूड़ा Read more…

By Posham Pa, ago
कहानी | Story

कहानी: ‘तिरिछ’ – उदय प्रकाश

‘तिरिछ’ – उदय प्रकाश इस घटना का संबंध पिताजी से है। मेरे सपने से है और शहर से भी है। शहर के प्रति जो एक जन्म-जात भय होता है, उससे भी है। पिताजी तब पचपन Read more…

By Posham Pa, ago
कहानी | Story

कहानी: ‘पिता’ – ज्ञानरंजन

‘पिता’ – ज्ञानरंजन उसने अपने बिस्तरे का अंदाज लेने के लिए मात्र आध पल को बिजली जलाई। बिस्तरे फर्श पर बिछे हुए थे। उसकी स्त्री ने सोते-सोते ही बड़बड़ाया, ‘आ गए’ और बच्चे की तरफ Read more…

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कहानी | Story

कहानी: ‘पाजेब’ – जैनेन्द्र कुमार

‘पाजेब’ – जैनेन्द्र कुमार बाजार में एक नई तरह की पाजेब चली है। पैरों में पड़कर वे बड़ी अच्छी मालूम होती हैं। उनकी कड़ियां आपस में लचक के साथ जुड़ी रहती हैं कि पाजेब का Read more…

By Posham Pa, ago
कहानी | Story

कहानी: ‘रोज’ (गैंग्रीन) – अज्ञेय

‘रोज’ (गैंग्रीन) – अज्ञेय दोपहर में उस सूने आँगन में पैर रखते हुए मुझे ऐसा जान पड़ा, मानो उस पर किसी शाप की छाया मँडरा रही हो, उसके वातावरण में कुछ ऐसा अकथ्य, अस्पृश्य, किन्तु Read more…

By Posham Pa, ago
कहानी | Story

कहानी: ‘कर्मनाशा की हार’ – शिवप्रसाद सिंह

काले सांप का काटा आदमी बच सकता है, हलाहल ज़हर पीने वाले की मौत रुक सकती है, किंतु जिस पौधे को एक बार कर्मनाशा का पानी छू ले, वह फिर हरा नहीं हो सकता. कर्मनाशा Read more…

By Posham Pa, ago
संस्मरण | Memoirs

संस्मरण: ‘वसंत का अग्रदूत’ – अज्ञेय

‘वसंत का अग्रदूत’ – अज्ञेय ‘निराला’ जी को स्मरण करते हुए एकाएक शांतिप्रिय द्विवेदी की याद आ जाए, इसकी पूरी व्यंजना तो वही समझ सकेंगे जिन्होंने इन दोनों महान विभूतियों को प्रत्यक्ष देखा था। यों Read more…

By Posham Pa, ago
कहानी | Story

कहानी: ‘ठाकुर का कुआँ’ – प्रेमचंद

‘ठाकुर का कुआँ’ – प्रेमचंद जोखू ने लोटा मुँह से लगाया तो पानी में सख्त बदबू आयी। गंगी से बोला- “यह कैसा पानी है? मारे बास के पिया नहीं जाता। गला सूखा जा रहा है Read more…

By Posham Pa, ago
रिपोर्ताज | Reportage

‘अदम्य जीवन’ – रांगेय राघव का रिपोर्ताज

पचास के दशक के आरम्भ में पड़े बंगाल के अकाल के बारे में रांगेय राघव ने यह रिपोर्ताज लिखा था, जो ‘तूफानों के बीच’ रिपोर्ताज संग्रह में प्रकाशित हुआ। बंगाल के अकाल के दौरान जो Read more…

By Posham Pa, ago

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