मज़दूर ईश्वर

अनुपस्थितियों को सिखाई
सोलह कलायें
गुनाह के अनेक तथ्य बनाकर
प्रायश्चित्त को मोक्ष दिया
संगीत की लय में प्रेमियों की
आत्माओं के लिये गुंजाइश रखी
वचन के साथ बाँध दिया
दैनिक अभ्यास
दुधमुँहे बच्चों को शब्दकोष
से दूर रखा
टिप्पणियों मे भर दी छटाँक
भर निर्लज्जता

ईश्वर से बड़ा मज़दूर कौन!