Tag: Chitransh Khare

दिल की धड़कन और फिर आँखों का पानी हो गए

दिल की धड़कन और फिर आँखों का पानी हो गए तुम जुदा भी तब हुए जब ज़िंदगानी हो गए हमने देखा है नशेमन में इन्हें रोते...
Chitransh Khare

जुदा तो हो गए लेकिन कहानी याद आएगी

जुदा तो हो गए लेकिन कहानी याद आएगी वो रातों के हसीं मंज़र जवानी याद आएगी मैं इतना सोचकर फूलों से अक्सर दूर रहता हूँ तुम्हारे जिस्म...
Chitransh Khare

क्षितिज की ओढ़नी पर प्रीत का इतिहास लिखना था

क्षितिज की ओढ़नी पर प्रीत का इतिहास लिखना था मुझे श्री कृष्ण के संग गोपियों का रास लिखना था हृदय में जन्म लेती प्रीत का अहसास...
Chitransh Khare

उसी की देखी हुकूमत भी हुक्मरानों पर 

'Usi Ki Dekhi Hukumat Bhi', a ghazal by Chitransh Khare उसी की देखी हुकूमत भी हुक्मरानों पर वही ख़ुदा है जो बैठा है आसमानों पर इन हादसों पे...
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