अनन्त सम्भावनाओं का अन्तिम सच

पिता, अनन्त के विस्तार
के अन्तिम छोर में,
शून्यता समेटे
वह ठोस ग्रह है
जो वास्तव में
तरलता से निर्मित है।

पिता, सम्भावनाओं के
अन्तिम छोर में,
मनोकामनाओं के देवता का
वह अन्तिम मंत्र है
जिसके बुदबुदाने मात्र से
अधर खोलने के पूर्व ही
कामनाओं की परिभाषा
पूर्ण हो जाती है।

पिता अनन्त सम्भावनाओं का
अन्तिम सत्य है।

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