प्यार

‘प्यार’ – कमला दास

कविता: ‘Love’, कविता संग्रह ‘Summer In Calcutta’ से;
अनुवाद: पुनीत कुसुम

जब तक तुम मुझे नहीं मिले थे,
मैंनें कविताएँ लिखीं, तस्वीरें बनायीं
और, गई दोस्तों के साथ बाहर
सैर के लिए..

और अब जब मैं तुम्हें प्यार करती हूँ
लिपटा एक बूढ़े कुत्ते की भांति
मेरा जीवन विश्राम करता है, तृप्त
तुम में…

■■■

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Summer in Calcutta - Kamala Das

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This Post Has One Comment

  1. अनुवाद के लिए शुक्रिया!

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