रात सुनसान है
तारीक है दिल का आँगन
आसमाँ पर कोई तारा न जमीं पर जुगनू
टिमटिमाते हैं मेरी तरसी हुई आँखों में
कुछ दिये
तुम जिन्हें देखोगे तो कहोगे आँसू

दफ़अतन जाग उठी दिल में वही प्यास, जिसे
प्यार की प्यास कहूँ मैं तो जल उठती है ज़बाँ
सर्द एहसास की भट्टी में सुलगता है बदन
प्यास, यह प्यास इसी तरह मिटेगी शायद
आए ऐसे में कोई ज़हर ही दे दे मुझको..

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मीना कुमारी
मीना कुमारी (1 अगस्त, 1933 - 31 मार्च, 1972) (असल नाम-महजबीं बानो) भारत की एक मशहूर हिन्दी फिल्मों की अभिनेत्री थीं। इन्हें खासकर दुखांत फ़िल्मों में इनकी यादगार भूमिकाओं के लिये याद किया जाता है। मीना कुमारी को भारतीय सिनेमा की ट्रैजेडी क्वीन (शोकान्त महारानी) भी कहा जाता है। अभिनेत्री होने के साथ-साथ मीना कुमारी एक उम्दा शायारा एवम् पार्श्वगायिका भी थीं। इन्होंने वर्ष 1939 से 1972 तक फ़िल्मी पर्दे पर काम किया।

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