‘सबसे गरीब आदमी की’ – विनोद कुमार शुक्ल

(कविता संग्रह ‘सब कुछ होना बचा रहेगा’ से)

सबसे गरीब आदमी की
सबसे कठिन बीमारी के लिए
सबसे बड़ा विशेषज्ञ डॉक्‍टर आए
जिसकी सबसे ज्‍यादा फीस हो

सबसे बड़ा विशेषज्ञ डॉक्‍टर
उस गरीब की झोपड़ी में आकर
झाड़ू लगा दे
जिससे कुछ गंदगी दूर हो
सामने की बदबूदार नाली को
साफ कर दे
जिससे बदबू कुछ कम हो

उस गरीब बीमार के घड़े में
शुद्ध जल दूर म्‍युनिसिपल की
नल से भर कर लाए।
बीमार के चीथड़ों को
पास के हरे गंदे पानी के डबरे
से न धोए
बीमार को सरकारी अस्‍पताल
जाने की सलाह न दे
कृतज्ञ होकर
सबसे बड़ा डॉक्‍टर सबसे गरीब आदमी का इलाज करे
और फीस मॉंगने से डरे।

सबसे गरीब बीमार आदमी के लिए
सबसे सस्‍ता डॉक्‍टर भी
बहुत महंगा है।

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Sab kuchh hona bacha rahega - vinod kumar shukla