Tag: Neelabh

Neelabh

जहाँ मैं साँस ले रहा हूँ अभी

जहाँ मैं साँस ले रहा हूँ अभी वहाँ से बहुत कुछ ओझल हैओझल है हत्यारों की माँद ओझल है संसद के नीचे जमा होते किसानों के ख़ून...
Neelabh

अन्तिम प्रहर

है वही अन्तिम प्रहर सोयी हुई हैं हरकतें इन खनखनाती बेड़ियों में लिपटकरहै वही अन्तिम प्रहर है वही मेरे हृदय में एक चुप-सी कान में आहट किसी की थरथराती...
Neelabh

सिर्फ़ उसी पर लिखो

वे कहते हैं— सिर्फ़ उसी पर लिखो जिसे तुमने ख़ुद देखा है ख़ुद महसूस किया है जिसे तुम ख़ुद अपने अनुभव से जानते हो जिसे तुमने ख़ुद जिया है। इसलिए,...
Neelabh

इस दौर में

हत्यारे और भी नफ़ीस होते जाते हैं मारे जाने वाले और भी दयनीयवह युग नहीं रहा जब बन्दी कहता था वैसा ही सुलूक़ करो मेरे साथ जैसा करता है...
Neelabh

यह ऐसा समय है

यह ऐसा समय है जब बड़े-से-बड़े सच के बारे में बड़े-से-बड़ा झूठ बोलना सम्भव हैसम्भव है अपने हक़ की माँग बुलन्द करने वालों को देश और जनता...
Neelabh

कवि-पत्नियाँ

सबसे आख़िर में आता है उनका नाम कवियों की स्मृतियों में।समर्पित हो चुकी होती हैं अनेक कविता-पुस्तकें मित्रों, प्रेमिकाओं, आलोचकों, कृपालु अग्रजों और शुभाकाँक्षी संरक्षकों को तब आती है...

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Man lying on footpath, Homeless

तीन चित्र : स्वप्न, इनकार और फ़ुटपाथ पर लेटी दुनिया

1 हम मृत्यु-शैय्या पर लेटे-लेटे स्वप्न में ख़ुद को दौड़ता हुआ देख रहे हैंऔर हमें लगता है हम जी रहे हैं हम अपनी लकड़ियों में आग के...
Fair, Horse Ride, Toy

मेला

1 हर बार उस बड़ी चरखी पर जाता हूँ जो पेट में छुपी हुई मुस्कान चेहरे तक लाती है कई लोग साल-भर में इतना नहीं हँसते जितना खिलखिला लेते हैं...
Man holding train handle

आधुनिकता

मैं इक्कीसवीं सदी की आधुनिक सभ्यता का आदमी हूँ जो बर्बरता और जंगल पीछे छोड़ आया हैमैं सभ्य समाज में बेचता हूँ अपना सस्ता श्रम और दो वक़्त की...
Justyna Bargielska

यूस्टीना बारगिल्स्का की कविताएँ

1977 में जन्मीं, पोलिश कवयित्री व उपन्यासकार यूस्टीना बारगिल्स्का (Justyna Bargielska) के अब तक सात कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और उन्हें दो...
Saadat Hasan Manto

ख़ुशिया

ख़ुशिया सोच रहा था।बनवारी से काले तम्बाकूवाला पान लेकर वह उसकी दुकान के साथ लगे उस संगीन चबूतरे पर बैठा था जो दिन के...
Naresh Mehta

घर की ओर

वह— जिसकी पीठ हमारी ओर है अपने घर की ओर मुँह किये जा रहा है जाने दो उसे अपने घर।हमारी ओर उसकी पीठ— ठीक ही तो है मुँह यदि होता तो...
Upma Richa

या देवी

1सृष्टि की अतल आँखों में फिर उतरा है शक्ति का अनंत राग धूम्र गंध के आवक स्वप्न रचती फिर लौट आयी है देवी रंग और ध्वनि का निरंजन...
Chen Kun Lun

चेन कुन लुन की कविताएँ

चेन कुन लुन का जन्म दक्षिणी ताइवान के काओशोंग शहर में सन 1952 में हुआ। वह एक सुधी सम्पादक रहे हैं। चेन लिटरेरी ताइवान...
Bharat Ke Pradhanmantri - Rasheed Kidwai

किताब अंश: भारत के प्रधानमंत्री

सुपरिचित पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई की किताब 'भारत के प्रधानमंत्री : देश, दशा, दिशा' भारत के पहले प्रधानमंत्री से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री...
Muktibodh - Premchand

मेरी माँ ने मुझे प्रेमचन्द का भक्त बनाया

एक छाया-चित्र है। प्रेमचन्द और प्रसाद दोनों खड़े हैं। प्रसाद गम्भीर सस्मित। प्रेमचन्द के होंठों पर अस्फुट हास्य। विभिन्न विचित्र प्रकृति के दो धुरन्धर...
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