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Viren Dangwal

हम औरतें

कविता संग्रह 'इसी दुनिया में' से रक्त से भरा तसला है रिसता हुआ घर के कोने-अंतरों में हम हैं सूजे हुए पपोटे प्यार किए जाने की अभिलाषा सब्ज़ी काटते...
Viren Dangwal

प्रेम कविता

प्यारी, बड़े मीठे लगते हैं मुझे तेरे बोल! अटपटे और ऊल-जुलूल बेसर-पैर कहाँ से कहाँ तेरे बोल! कभी पहुँच जाती है अपने बचपन में जामुन की रपटन-भरी डालों...
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