चाचा नेहरू!
सुन तो रहे हो ना?
सफेद शेरवानी में अच्छे दिखते हो,
लेकिन, क्या तुम्हें पता चला,
उन सात रंगों के बारे में,
अरे वही सात रंग,
जो आज़ाद भारत के मुस्कराते झंडे को देख,
आसमान में एक साथ आये थे,
जिनको मिलाकर तुमने श्वेत भारत बनाया था,
जो उसी तरह आकर्षक लगता था,
जैसे तुम्हारी सफेद शेरवानी लगती है।
सुनकर हैरान मत होना,
लेकिन वो सारे रंग चले गए कहीं।
अब सिर्फ एक रंग है, जो उनमें से नहीं है।
अगर कभी लौट के आना,
तो वो सारे रंग जरूर ले आना
और अपना वो गुलाब भी
जो तुम शेरवानी में लगाया करते थे।
फिर मैं भी अपने देश को बताऊंगा
उसके पास केवल एक रंग या एक फूल ही नहीं है!

Previous articleधुँधलका
Next articleएक रात

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here