Tag: Balbir Singh Rang

Balbir Singh Rang

ओ समय के देवता, इतना बता दो

ओ समय के देवता! इतना बता दो— यह तुम्हारा व्यंग्य कितने दिन चलेगा?जब किया, जैसा किया, परिणाम पाया हो गए बदनाम ऐसा नाम पाया, मुस्कुराहट के नगर...
Balbir Singh Rang

मिलना तो मन का होता है

मिलना तो मन का होता है, तन की क्या दरकार बटोही।जो मिलकर भी मिल न सके हों सोचो तो उनकी मजबूरी, धन्यवाद उसको जिसने की और अधिक...
Balbir Singh Rang

अभी निकटता बहुत दूर है

'Abhi Nikatata Bahut Door Hai', Hindi Kavita by Balbir Singh Rangअभी निकटता बहुत दूर है, अभी सफलता बहुत दूर है, निर्ममता से नहीं, मुझे तो ममता...
Balbir Singh Rang

पीछे जा रहा हूँ मैं

जो गए आगे उन्हीं से प्रेरणा लेकर जो रहे पीछे उन्हें नव चेतना देकर रंग ऐसा हूँ सभी पर छा रहा हूँ मैं कौन कहता है कि पीछे जा...
Balbir Singh Rang

आइए मरुभूमि में उद्यान की चर्चा करें

आइए मरुभूमि में उद्यान की चर्चा करें, ध्वंस के सन्दर्भ में निर्माण की चर्चा करें।निर्झरों, नदियों, तड़ागों की प्रगति को साधुवाद, सिंधु में उठते हुए तूफ़ान...

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Upma Richa

या देवी

1सृष्टि की अतल आँखों में फिर उतरा है शक्ति का अनंत राग धूम्र गंध के आवक स्वप्न रचती फिर लौट आयी है देवी रंग और ध्वनि का निरंजन...
Chen Kun Lun

चेन कुन लुन की कविताएँ

चेन कुन लुन का जन्म दक्षिणी ताइवान के काओशोंग शहर में सन 1952 में हुआ। वह एक सुधी सम्पादक रहे हैं। चेन लिटरेरी ताइवान...
Bharat Ke Pradhanmantri - Rasheed Kidwai

किताब अंश: भारत के प्रधानमंत्री

सुपरिचित पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई की किताब 'भारत के प्रधानमंत्री : देश, दशा, दिशा' भारत के पहले प्रधानमंत्री से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री...
Muktibodh - Premchand

मेरी माँ ने मुझे प्रेमचन्द का भक्त बनाया

एक छाया-चित्र है। प्रेमचन्द और प्रसाद दोनों खड़े हैं। प्रसाद गम्भीर सस्मित। प्रेमचन्द के होंठों पर अस्फुट हास्य। विभिन्न विचित्र प्रकृति के दो धुरन्धर...
Manish Kumar Yadav

लगभग विशेषण हो चुका शासक

किसी अटपटी भाषा में दिए जा रहे हैं हत्याओं के लिए तर्क'एक अहिंसा है जिसका सिक्का लिए गांधीजी हर शहर में खड़े हैं लेकिन जब भी सिक्का उछालते...
Village, Farmer

किसान को कौन जानता है?

हवा को जितना जानता है पानी कोई नहीं जानतापानी को जितना जानती है आग कोई नहीं जानताआग को जितना जानते हैं पेड़ कोई नहीं जानतापेड़ को जितना...
premchand

सवा सेर गेहूँ

किसी गाँव में शंकर नाम का एक कुरमी किसान रहता था। सीधा-सादा ग़रीब आदमी था, अपने काम-से-काम, न किसी के लेने में, न किसी...
Unsocial Network - Dilip Mandal, Geeta Yadav

वे आपके बारे में बहुत ज़्यादा जानते हैं (किताब अंश: अनसोशल नेटवर्क)

'अनसोशल नेटवर्क' किताब भारत के विशिष्ट सन्दर्भों में सोशल मीडिया का सम्यक् आकलन प्रस्तुत करती है। जनसंचार का नया माध्यम होने के बावजूद, सोशल...
Prayers, Joined Hands

अनुत्तरित प्रार्थना

'परिवर्तन प्रकृति का नियम है' यह पढ़ते-पढ़ाते वक़्त मैंने पूरी शिद्दत के साथ अपने रिश्तों में की स्थिरता की कामनाप्रकृति हर असहज कार्य भी पूरी सहजता के...
Women sitting

अठन्नी, चवन्नी और क्रमशः

इस बार उन्हें नहीं था मोह स्वर्ण-मृग का फिर भी खींची गई थीं लक्ष्मण रेखाएँवे पढ़ीं, आगे बढ़ीं लक्ष्मण रेखाएँ लाँघकर रावण से जा भिड़ींगूँजते आए थे स्वर नेपथ्य...
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