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वह लड़की
'Wah Ladki', a poem by Om Purohit 'Kagad'
सामने के झोपड़े में
रहने वाली वह लड़की
अब सपने नहीं देखती।
वह जानती है कि सपने में भी
पुरुष की सत्ता...
स्त्रीधन
भारतीय समाज में बेटी की शादी या बहू के आगमन की तैयारियाँ सालों पहले से शुरू हो जाती हैं, लेकिन इन 'भौतिक' दिखने वाली तैयारियों के पीछे उन्हें क्या-क्या संजोकर रखने के लिए दे दिया जाता है, इसका अंदाज़ा खुद यह समाज आज तक नहीं लगा पाया!
इंटरेस्टेड ही तो किया है!
"राहुल, तुमने वो आँटी वाली इवेंट में इंटरेस्टेड क्यों किया हुआ था?"
"ऐंवेही यार! अब तुम शुरू मत हो जाना, पैट्रिआर्कि, फेमिनिज्म, कुण्डी मत खड़काओ...

