Tag: Violence

Alok Dhanwa

सफ़ेद रात

पुराने शहर की इस छत पर पूरे चाँद की रात याद आ रही है वर्षों पहले की जंगल की एक रात जब चाँद के नीचे जंगल पुकार रहे थे...
Ganga Prasad Vimal

शान्ति के विरुद्ध एक कविता

सदियों से बोलते आदमी को चुप कराने की साज़िश है शान्ति। हर निर्माण हिंसा से जुड़ा है चाहे वह बाड़ हो सुरक्षा की या प्रतिरक्षा के लिए तनी बन्दूक़। अगला क़दम जब भी...
Naveen Sagar

ऐसा सोचना ठीक नहीं

शेर-चीता नहीं, मनुष्‍य एक हिंसक प्राणी है। हिंसा का बहाना चाहिए अहिंसा को ईश्‍वर का बहाना, सबसे ज़्यादा ख़ून बहाने वाला है सबसे ज़्यादा पवित्र बहाना। इसे नकारने का मानुष बहुत कम...

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RECENT POSTS

Waiting, Train, Girl, Window, Thinking, Alone, Lonely

अपने उद्देश्य के लिए

एशट्रे में इकट्ठे हुए सिगरेट के ठूँठों को चुपचाप गिनने की कोशिश में वह समय के गुच्छों में उलझी अनेक आकृतियाँ देख रहा है आँखों में कोई...
Gardening, Soil, Planting

मिट्टी का दर्शन

आत्मा अमर और मिट्टी नश्वर यह बिना देखे का दर्शन बिल्कुल झूठा है! आत्मा की अमरता कब, किसने देखी! मिट्टी को, किन्तु, सदैव हमने देखा। मिट्टी में मानवता...
Kahlil Gibran

खलील जिब्रान – ‘नास्तिक’

"सत्य सितारे होते हैं जिन्हें तुम केवल रात के अँधेरे में ही देख सकते हो।" "सत्य सृष्टि की उन तमाम ख़ूबसूरत चीज़ों की तरह है,...
Amarkant

पलाश के फूल

नये मकान के सामने पक्की चहारदीवारी खड़ी करके जो अहाता बनाया गया है, उसमें दोनों ओर पलाश के पेड़ों पर लाल-लाल फूल छा गए...
Harish Bhadani

सभी सुख दूर से गुज़रें

सभी सुख दूर से गुज़रें गुज़रते ही चले जाएँ मगर पीड़ा उमर भर साथ चलने को उतारू है! हमको सुखों की आँख से तो बाँचना आता नहीं हमको...
Kumar Nayan

पाँव कटे बिम्ब

घिसटते हैं मूल्य बैसाखियों के सहारे पुराने का टूटना नये का बनना दीखता है—सिर्फ़ डाक-टिकटों पर लोकतंत्र की परिभाषा क्या मोहताज होती है लोक-जीवन के उजास हर्फ़ों की? तो फिर क्यों दीखते...
Sanjay Chhipa

संजय छीपा की कविताएँ

1 कुरेदता हूँ स्मृतियों की राख कि लौट सकूँ कविता की तरफ़ एक नितान्त ख़ालीपन में उलटता-पलटता हूँ शब्दों को एक सही क्रम में जमाने की करता हूँ कोशिश ज़िन्दगी की बेतरतीबी...
David Michelangelo

टोनी मोंगे की कविता ‘डेविड’ (माइकलेंजेलो की प्रसिद्ध कलाकृति ‘डेविड’ को सम्बोधित)

टोनी मोंगे अमेरिकी नागरिक हैं जो ताइवान में अंग्रेज़ी अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। टोनी का जन्म बॉस्टन में हुआ था और वे...
Khwaja Ahmad Abbas - Krishan Chander

‘अब्बास : व्यक्तित्व और कला’ — ख़्वाजा अहमद अब्बास से कृश्न चन्दर की बातचीत

ख़्वाजा अहमद अब्बास से कृश्न चन्दर की बातचीत 'मुझे कुछ कहना है' से साभार कृश्न—अपनी जन्म-तिथि याद है? मेरा मतलब साहित्यिक जन्म-तिथि से है। अब्बास—यों तो मैं...
Saadat Hasan Manto

साढ़े तीन आने

"मैंने क़त्ल क्यों किया। एक इंसान के ख़ून में अपने हाथ क्यों रंगे, यह एक लम्बी दास्तान है। जब तक मैं उसके तमाम अवाक़िब...
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