अल्ताफ़ हुसैन हाली

अल्ताफ़ हुसैन हाली
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अल्ताफ हुसैन हाली (1837–1914) उर्दू के प्रसिद्ध कवि एवं लेखक थे।

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Jyoti Sharma

बड़भागिनी

1 यहीं-कहीं वृन्दावन की गलियों में भटकती यहाँ-वहाँ कपला गाय जिसका दूध आज भी चौर्य होता संध्याकाल, राधा टीला पर मोर और तोते ही दिखायी देते थे उन्हें पकड़ खाया भूखे बन्दरों ने इन...
Anurag Anant

स्वप्न-प्रसंग

तुमने कहा था एक बार गहरे स्वप्न में मिलोगी तुम कितने गहरे उतरूँ स्वप्न में कि तुम मिलो? एक बार मैं डूबा स्वप्न में इतना गहरा कि फिर उभरा...
America 2020 - Avinash Kalla

किताब अंश: अविनाश कल्ला की किताब ‘अमेरिका 2020’

लेखक अविनाश कल्ला की किताब 'अमेरिका 2020 - एक बँटा हुआ देश' दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र होने की दावेदारी करने वाले देश—अमेरिका—के राष्ट्रपति चुनाव...
Mahadev Toppo

रूपांतरण

जब तक थे वे जंगलों में मांदर बजाते, बाँसुरी बजाते करते जानवरों का शिकार अधनंगे शरीर वे बहुत भले थे तब तक उनसे अच्छा था नहीं दूसरा कोई नज़रों में तुम्हारी छब्बीस...
Girl reading a book, School, Kid

वो उतना ही पढ़ना जानती थी

वो उतना ही पढ़ना जानती थी जितना अपना नाम लिख सके स्कूल उसको मज़दूरों के काम करने की जगह लगती थी जहाँ वे माचिस की डिब्बियों की तरह बनाते थे...
Zafar Iqbal

अभी आँखें खुली हैं और क्या-क्या देखने को

अभी आँखें खुली हैं और क्या-क्या देखने को मुझे पागल किया उसने तमाशा देखने को वो सूरत देख ली हम ने तो फिर कुछ भी न...
Rahul Sankrityayan

तुम्हारे समाज की क्षय

मनुष्य सामाजिक पशु है। मनुष्य और पशु में अन्तर यही है कि मनुष्य अपने हित और अहित के लिए अपने समाज पर अधिकतर निर्भर...
Maya Angelou

माया एंजेलो की कविता ‘मैं फिर भी उठती हूँ’

तुम मेरा इतिहास लिख सकते हो अपने कड़वे, मुड़े-तुड़े झूठों से तुम मुझे गंदगी में कुचल सकते हो फिर भी, धूल की तरह, मैं उठूँगी। क्या मेरी उन्मुक्तता...
Naval Shukla

ईश्वर से अधिक हूँ

एक पूरी आत्मा के साथ एक पूरी देह हूँ मैं जिसे धारण करते हैं ईश्वर कभी-कभी मैं एक आत्मा एक देह एक ईश्वर से अधिक हूँ। ईश्वर युगों में सुध...
Viren Dangwal

हमारी नींद

मेरी नींद के दौरान कुछ इंच बढ़ गए पेड़ कुछ सूत पौधे अंकुर ने अपने नाम-मात्र, कोमल सींगों से धकेलना शुरू की बीज की फूली हुई छत, भीतर से। एक मक्खी...
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