प्रेम लाचार रहा है हर युग में भूख के आगे
भूख से बेहाल को प्रबुद्ध होते देखा जाना दुर्लभ है
भरा होगा जिसका पेट,
प्रेम की बड़ी बातें वही करता है, मित्र!

रोटी की गोलाई और प्रेम के कोणों में
एकरूपता न कभी थी, न होगी
पेट की अँतड़ियों में जो ऐंठन होती है
वो प्रेम त्रिशूल से ज़्यादा चुभती है।

भूख का इतिहास प्रेम से पुराना है
किताबें खंगाल लो, सच मिल जायेगा।

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राहुल बोयल
जन्म दिनांक- 23.06.1985; जन्म स्थान- जयपहाड़ी, जिला-झुन्झुनूं( राजस्थान) सम्प्रति- राजस्व विभाग में कार्यरत पुस्तक- समय की नदी पर पुल नहीं होता (कविता - संग्रह) नष्ट नहीं होगा प्रेम ( कविता - संग्रह) मैं चाबियों से नहीं खुलता (काव्य संग्रह) ज़र्रे-ज़र्रे की ख़्वाहिश (ग़ज़ल संग्रह) मोबाइल नम्बर- 7726060287, 7062601038 ई मेल पता- [email protected]

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