Tag: Bolchaal

Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh

प्रचलित हिन्दी की दुरूहता

"लगभग भारतवर्ष में बोली जानेवाली समस्त प्रधान भाषाओं का नमूना मैंने आपके सामने उपस्थित कर दिया, आप देखेंगे कि सभी भाषाओं में संस्कृत शब्दों का प्रयोग अधिकता से हो रहा है। जो तामिल, कनाड़ी और मलयालम् स्वतंत्र भाषाएँ हैं, अर्थात् आर्य भाषा से प्रसूत नहीं हैं, उनमें भी संस्कृत शब्दों की प्रचुरता है। उन भाषाओं को कोई स्पर्द्धा उर्दू से नहीं है, फिर वे क्यों संस्कृतगर्भित हैं?"
Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh

हिन्दुस्तानी भाषा की उत्पत्ति

"भाषा जिस पथ से चल पड़ती है, व्याकरण उसका साक्षीमात्र है।"
Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh

ठेठ हिन्दी और बोलचाल की भाषा

अब प्रश्न यह होगा कि क्या ठेठ हिन्दी बोलचाल की भाषा कही जा सकती है? मेरा विचार है, नहीं, कारण बतलाता हूँ, सुनिये। जिन प्रान्तों...
Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh

ठेठ हिन्दी

"प्रत्येक तत्सम शब्द उधार लिया हुआ है। यह उधार हिन्दी को अपनी दादी (संस्कृत) से लेना पड़ता है। यदि मैं अपने सम्बन्धियों तथा मित्रों से प्रायः ऋण लेने की आदत डालूँ तो मैं विनष्ट हो जाऊँगा।"
Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh

बोलचाल की भाषा

बोलचाल की भाषा के बारे में कुछ लिखना टेढ़ी खीर है। जितने मुँह उतनी बात सुनी जाती है। यदि यह बात सत्य न हो...

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