Tag: nostalgia
अब वो घर नहीं है
पुराने घर की भीत पर
अभी भी लटका है
बाबा की देह से उतरा,
अन्तिम कुर्ता
नया घर, कोई घर नहीं होता
आँगन में बूढ़ा पीपल
अब भी खड़ा है
जो लिखता...
याद बहुत आते हैं
याद बहुत आते हैं गुड्डे-गुड़ियों वाले दिन
दस पैसे में दो चूरन की पुड़ियों वाले दिन
ओलम, इमला, पाटी, बुदका, खड़ियों वाले दिन
बात-बात में फूट रही फुलझड़ियों वाले दिन
पनवाड़ी की चढ़ी उधारी,...
तोहफ़ा
मैंने उन्हें कई तोहफे दिए। हमारे साथ के चार सालों में ऐसे बहुत मौक़े आते कि मुझे उन्हें तोहफे देने की ज़िद पकड़नी पड़ती लेकिन ऐसा...
मेरा नया बचपन
बार-बार आती है मुझको मधुर याद बचपन तेरी
गया ले गया तू जीवन की सबसे मस्त खुशी मेरी
चिंता-रहित खेलना-खाना वह फिरना निर्भय स्वच्छंद
कैसे भूला जा...

