Tag: Raushniyaan

Akanksha Gaur

रोटी

रोज़ सवेरे ऑफिस जाते वक़्त ट्रैफिक की लाल बत्ती पर गाड़ी रुकती थी रोज़ देखती थी मैं उस भीड़ में ज़िन्दगी से ज़द्दोज़हद करते लोगों को कहीं ऑटो...
Tanveer Anjum

जब सोच रही थी मैं एक नज़्म

जब सोच रही थी मैं एक नज़्म वो निकल गई बराबर से नाराज़गी से मुझे देखती तवज्जोह नहीं दे सकी मैं उनकी दानिश-मंदाना बातों पर पढ़ा तारीख़ गुज़रने के...
Azra Abbas

दो ज़िंदगियाँ

हम दो ज़िंदगियां जी रहे हैं एक वो जो तुम देख रहे हो हमें अच्छे कपड़े पहन कर घूमते हुए हंसते मुस्कुराते हुए एक वो, जो हम सह...
Gouri Chugh

सिंड्रेला

सुनो लड़की! इस बार कोयले की राख को पेशानी पर रगड़ लेना हालात की सौतेली बहनों से समझौता तुम कर लेना नहीं आएगी परी कोई तुम्हारा मुस्तक़बिल...
Fahmida Riaz

मेघदूत

सनसनाहटों के साथ गड़गड़ाहटो के साथ आ गया पवन रथ पे बैठ कर मेरा मेघ देवता दोश पर हवाओं के बाल उड़ाता हुआ उसका जामुनी बदन आसमाँ पे छा गया दूर तक गरज...
Gulnaz Kausar

ये वो धरती नहीं है

नहीं ये वो धरती नहीं है नहीं ये वो धरती नहीं है जहाँ मेरा बचपन मेरा तितलीयों, फूलों, रंगों से लबरेज़ बचपन किसी शाहज़ादी की रंगीं कहानी...
Kishwar Naheed

क़ैद में रक़्स

सब के लिए ना-पसंदीदा उड़ती मक्खी कितनी आज़ादी से मेरे मुँह और मेरे हाथों पर बैठती है और इस रोज़-मर्रा से आज़ाद है जिस में मैं...
Zehra Nigah

एक पुरानी कहानी

किसी शहर में इक कफ़न चोर आया जो रातों को क़ब्रों में सूराख़ करके तन ए कुश्तगां से कफ़न खींच लेता आख़िर ए कार पकड़ा गया और उसको...
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