Tag: religion
साक्ष्य
'Saakshya', a poem by Harshita Panchariya
जाते-जाते उसने कहा था,
नरभक्षी जानवर हो सकते हैं
पर मनुष्य कदापि नहीं,
जानवर और मनुष्य में
चार पैर और पूँछ के सिवा
समय...
निशां नहीं मिटते
दुनिया की सारी पाक किताबें
कहती हैं
कोई वस्तु बेकार नहीं
कोई हलचल, कोई बात
कोई दिन, कोई रात
कोई कण, कोई क्षण
बेमतलब नहीं
दुनिया की सारी पाक किताबें
कहती हैं
खून...

