अपराधी को एक बच्चे की पवित्र मुस्कान दो

धोखेबाज़ पर उड़ेल दो
पंचपरमेश्वर की न्यायप्रियता का डिस्टेम्बर
विरोधी के आँगन में उगा दो
बिस्मल्ला ख़ाँ की शहनाई वाली मीठी घास

आलोचक को दो
मंगलवार को गायी जाने वाली आरती का प्रसाद
पापी को दो
यमनोत्री की असंख्य डुबकियों का महापुण्य

शिकायती लोगों की भाल पर आधी रात को चहका दो
हिमालय के ब्रह्मकमल
लालची के पाँव के अँगूठे पर बाँध दो
ऋषि जमदिग्न की कामधेनु

दुष्टों के कानों में घोल दो
वेदों की ऋचाएँ और स्वांतः सुखाय का मंत्रजाप
हिंसा के लिए उठने वाले हाथों को दो
मौली के रंगों की नाज़ुकता

शंकालू के नेत्रों में भर दो
तुम्हारे लिए हज़ारों रातें जागने वाली माँ की मासूम नींद

हालॉंकि ये लिस्ट अभी अधूरी है
और ईश्वर खर्राटे लेकर सो रहा है
मैं दोनों टाईम उसके कानों में इस लिस्ट का
रीविज़न करवाती हूँ
उसकी परीक्षा की तारीख़ की घोषणा शीघ्र होगी

बच्चों को पता है इस रीविज़न से ईश्वर का प्रथम आना तय है।

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