Tag: Anuradha Annanya

Miya Poetry

लिखो, मैं मियाँ हूँ!

'मियाँ पोएट्री' असम में मुसलमान कवियों के द्वारा 'मिया' बोली में लिखी गयी कविताएँ हैं, जो उनके साथ होते आए सामाजिक भेदभाव को दर्ज करती...
Kid, Girl

अँधेरे से उजाले की सिम्त

मूल रचना: 'अँधेरे से उजाले की ओर' -  अनुराधा अनन्या रूपान्तरण: असना बद्रमुँह अँधेरे घर के सारे काम करके दूर के स्कूल जाती बच्चियाँ धूप में तपता हुआ...
Tribe, Village, Adivasi, Labour, Tribal, Poor

तुम में भी आग दहकती है जीवन की

तुम मैदानों और पहाड़ों के बीच झूलते हो किसी अदृश्य झूले में तुम में आग दहकती है जीवन की पहाड़ दर पहाड़ की चढ़ाई करके पहुँच जाते हो जीवन...
Anuradha Annanya

सोचना

क्या होगा, क्या हो सकता था क्या बचेगा, क्या नहीं बचा कितना सिर खपाऊ और उबाऊ है ये सोचनाएक बूढ़ी हो चुकी ढीठ माशूक़ा बन्द कमरे में...

हम मिलते रहेंगे

जैसा कि तय था हम मिलते हैं उतनी ही बेक़रारी से जैसे तुम आये हो किसी दूसरे ही नक्षत्र से अपने हमवतन दोस्तों के पासअपने गर्म कपड़ों,...

सरहद के किनारे से

तुम हर साल ख़ास मौसम में आते हो मुझ तक और मैं भी एक ख़ास मौसम में हो आती हूँ तुम्हारी धरती पर एक ही देश...
Woman reading newspaper

पढ़ी लिखी लड़कियाँ

लड़कियाँ पढ़-लिख गई तमाम सरकारी योजनाओं ने सफलता पाई गैरसरकारी संस्थाओं के आँकड़े चमके पिताओं ने पुण्य कमाया और भाईयों ने बराबरी का दर्जा देने की सन्तुष्टि हासिल कीपढ़ी...
Woman

अँधेरे से उजाले की ओर

मुँह अँधेरे उठकर घर के काम निपटा कर विद्यालय जाती बच्चियाँविद्यालय जिसके दरवाज़े पर लिखा है 'अँधेरे से उजाले की ओर'घर से पिट कर आई शिक्षिका सूजे हुए...
Nails on Body

अगर तस्वीर बदल जाए

सुनो, अगर मैं बन जाऊँ तुम्हारी तरह प्रेम लुटाने की मशीन मैं करने लगूँ तुमसे तुम्हारे ही जैसा प्यार तुम्हारी तरह का स्पर्श जो आते-जाते मेरे गालों पे...
Woman in Sari, Pallu

स्त्रीधन

भारतीय समाज में बेटी की शादी या बहू के आगमन की तैयारियाँ सालों पहले से शुरू हो जाती हैं, लेकिन इन 'भौतिक' दिखने वाली तैयारियों के पीछे उन्हें क्या-क्या संजोकर रखने के लिए दे दिया जाता है, इसका अंदाज़ा खुद यह समाज आज तक नहीं लगा पाया!
Anuradha Annanya

एक पन्ना और बस मैं

मैंने सारे क्षोभ को बटोरा और कलम उठाई फिर अपने सारे दुखों को ,निराशा को, थकान को शब्दों मे पिरो कर कागज़ पर रसीद कर दिया जैसे पूरा...
Girl, Woman

भागी हुई लड़कियों के घर

वो लड़कियाँ जिनके घर छूट गये जिन्होंने घर छोड़ दिया या जो लड़कियाँ भाग गईं व्यवस्थाओं में ढलने के इनकार के साथऐसी लड़कियों को सूँघ-सूँघ कर खोजा गया पृथ्वी...

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ताइवान के नांताऊ शहर में सन् 1927 में जन्मे कवि चेन च्येन वू मंदारिन, जापानी और कोरियाई भाषाओं में पारंगत कवि हैं। अपने कई...
Ekaterina Grigorova

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अनुवाद: पंखुरी सिन्हा सामान्यता मुझे बाल्टिक समुद्र का भूरा पानी याद है! 16 डिग्री तापमान की अनंत ऊर्जा का भीतरी अनुशासन!बदसूरत-सी एक चीख़ निकालती है पेट्रा और उड़ जाता है आकाश में बत्तखों...
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