Tag: Identity

Shivangi

उसके शब्दकोश से मैं ग़ायब हूँ

मेरी भाषा मेरी माँ की तरह ही मुझसे अनजान है वह मेरा नाम नहीं जानती उसके शब्दकोश से मैं ग़ायब हूँ मेरे नाम के अभाव से, परेशान वह बिलकुल माँ...
Couple, Love, Waves, Abstract

पहचान

या तो वह बहुत पास था या बहुत दूर और ये दोनों वहाँ नहीं थे जहाँ मैं थी।मानो मैं एक अन्तराय थी एक 'बीच'— एक परिचय उसके निकटतम होने का उसकी दूरस्थता कामानो मैं एक पहचान...
Hand touching water

अभिलाषा, पहचान, युद्ध

Poems: Harshita Panchariya अभिलाषा माँगो तो मनोकामनाओं के अंतिम अध्याय में अपूर्ण रहने का वर माँग लेना क्योंकि अनेक सम्भावनाओं का ठौर इतना सहज कहाँ? पहचान पहचानी जाऊँगी तो संसार की उस मूर्ख स्त्री...
Mirror, Reflection, Man, Identity

पहचान

हम अपने आप को अपने चेहरे से नहीं पहचानते नहीं बुलाते ख़ुद को हम अपने नाम से घर के बाहर लगी नेम प्लेट दूसरों के लिए है दूसरों के लिए...
Naveen Sagar

अपना अभिनय इतना अच्छा करता हूँ

'Apna Abhinay Itna Achchha Karta Hoon', a poem by Naveen Sagarकविता संग्रह 'जब ख़ुद नहीं था' से घर से बाहर निकला फिर अपने बाहर निकल कर अपने...

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Naomi Shihab Nye

नेओमी शिहैब नाय की कविता ‘प्रसिद्ध’

नेओमी शिहैब नाय (Naomi Shihab Nye) का जन्म सेंट लुइस, मिसौरी में हुआ था। उनके पिता एक फ़िलिस्तीनी शरणार्थी थे और उनकी माँ जर्मन...
Shehar Se Dus Kilometer - Nilesh Raghuwanshi

किताब अंश: ‘शहर से दस किलोमीटर’ – नीलेश रघुवंशी

'शहर से दस किलोमीटर' ही वह दुनिया बसती है जो शहरों की न कल्पना का हिस्सा है, न सपनों का। वह अपने दुखों, अपने...
Shri Vilas Singh

श्रीविलास सिंह की कविताएँ

सड़कें कहीं नहीं जातीं सड़कें कहीं नहीं जातीं वे बस करती हैं दूरियों के बीच सेतु का काम, दो बिंदुओं को जोड़तीं रेखाओं की तरह, फिर भी वे पहुँचा देती...
Ret Samadhi - Geetanjali Shree

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गीतांजलि श्री का उपन्यास 'रेत समाधि' हाल ही में इस साल के लिए दिए जाने वाले बुकर प्राइज़ के लिए चयनित अन्तिम छः किताबों...
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Javed Alam Khan

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तुम देखना चांद तुम देखना चांद एक दिन कविताओं से उठा ज्वार अपने साथ बहा ले जाएगा दुनिया का तमाम बारूद सड़कों पर क़दमताल करते बच्चे हथियारों को दफ़न...
Shyam Bihari Shyamal - Sangita Paul - Kantha

श्यामबिहारी श्यामल जी के साथ संगीता पॉल की बातचीत

जयशंकर प्रसाद के जीवन पर केंद्रित उपन्यास 'कंथा' का साहित्यिक-जगत में व्यापक स्वागत हुआ है। लेखक श्यामबिहारी श्यामल से उपन्यास की रचना-प्रकिया, प्रसाद जी...
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किताब अंश: शाहीन बाग़ – लोकतंत्र की नई करवट

भाषा सिंह की किताब 'शाहीन बाग़ : लोकतंत्र की नई करवट' उस अनूठे आन्दोलन का दस्तावेज़ है जो राजधानी दिल्ली के गुमनाम-से इलाक़े से...
Woman with dupatta

सहेजने की आनुवांशिकता में

कहीं न पहुँचने की निरर्थकता में हम हमेशा स्वयं को चलते हुए पाते हैं जानते हुए कि चलना एक भ्रम है और कहीं न पहुँचना यथार्थदिशाओं के...
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