Tag: Narendra Jain

Narendra Jain

यहाँ आकाश है

जब तक देखा नहीं तब तक कहाँ था आकाश? कल देखूँगा नहीं तब कहाँ होगा आकाश आकाश है यहाँ यहाँ मैं देख रहा हूँमेरे देख लेने से वह आकाश हुआ हुई एक...
Narendra Jain

एक काला रंग

एक काला रंग चुनो उसमें जो लाल हरी नीली ऊर्जा है उसे बाहर लाओउसमें जो लगातार दौड़ रहे हैं घोड़े, स्त्री, पुरुष, बच्चे हँस रहे हैं, उनके संग झुण्ड बनाकर नाचोएक पत्थर...
Narendra Jain

वर्णन

आज घटित हादसे के बारे में संक्षेप में बतलाओवर्णन तथ्यपरक हो और लगे तर्कसंगतसन्देह के लिए जगह न बचे शब्दों को दी जाए इतनी छूट जितनी वर्णन के...
Narendra Jain

एक दिन शिनाख़्त

एक दिन हमसे पूछा जाएगा हम क्या कर रहे थे? एक दिन हमसे पूछा जाएगा हमारी नींद कितनी गहरी थी? एक दिन हमसे पूछा जाएगा हमारी आवाज़ कौन छीनकर ले गया? एक दिन हमसे पूछा...
Sleep, Death

थोड़ी बहुत मृत्यु

मृत्यु आयी और कल मेरी कहानी के एक पात्र को अपने संग ले गई अक्सर उसके घर के सामने से गुज़रते हुए मैं उधर देख लिया करता था अर्से से...
Little Girl laughing, Kid

बच्चा हँस रहा है

1 बच्चा हँस रहा हैठीक इसी वक़्त अमरीका ने किया है समुद्र के गर्भ में परमाणु परीक्षणठीक इसी वक़्त फ़रमा रहे हैं ज़िया उल हक़ मैं ख़ुदा की मर्ज़ी से गद्दी...
Narendra Jain

कुल्हाड़ी

यहाँ लकड़ी कटती है लगातार थोड़ा-थोड़ा आदमी भी कटता हैकिसी की उम्र कट जाती है और पड़ी होती धूल में टुकड़े की तरहशोर से भरी इस गली में कहने...

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चेन च्येन वू की कविताएँ

ताइवान के नांताऊ शहर में सन् 1927 में जन्मे कवि चेन च्येन वू मंदारिन, जापानी और कोरियाई भाषाओं में पारंगत कवि हैं। अपने कई...
Ekaterina Grigorova

बुल्गारियाई कवयित्री एकैटरीना ग्रिगरोवा की कविताएँ

अनुवाद: पंखुरी सिन्हा सामान्यता मुझे बाल्टिक समुद्र का भूरा पानी याद है! 16 डिग्री तापमान की अनंत ऊर्जा का भीतरी अनुशासन!बदसूरत-सी एक चीख़ निकालती है पेट्रा और उड़ जाता है आकाश में बत्तखों...
Naomi Shihab Nye

नेओमी शिहैब नाय की कविता ‘जो नहीं बदलता, उसे पहचानने की कोशिश’

नेओमी शिहैब नाय (Naomi Shihab Nye) का जन्म सेंट लुइस, मिसौरी में हुआ था। उनके पिता एक फ़िलिस्तीनी शरणार्थी थे और उनकी माँ जर्मन...
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विनीता अग्रवाल की कविताएँ

विनीता अग्रवाल बहुचर्चित कवियित्री और सम्पादक हैं। उसावा लिटरेरी रिव्यू के सम्पादक मण्डल की सदस्य विनीता अग्रवाल के चार काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके...
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विस्मृति से पहले मेरी हथेली को कैनवास समझ जब बनाती हो तुम उस पर चिड़िया मुझे लगता है तुमने ख़ुद को उकेरा है अपने अनभ्यस्त हाथों से।चारदीवारी और एक...
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भारत के महान साहित्यकार, हिन्दी लेखक और उर्दू उपन्यासकार प्रेमचंद किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। प्रेमचंद ने अपने जीवन काल में कई रचनाएँ...
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प्रिया सारुकाय छाबड़िया की कविताएँ

प्रिया सारुकाय छाबड़िया एक पुरस्कृत कवयित्री, लेखिका और अनुवादक हैं। इनके चार कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें नवीनतम 'सिंग ऑफ़ लाइफ़ रिवीज़निंग...
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