‘Utkrishtta’, a poem by Uday Prakash

सुन्दर और उत्कृष्ट कविताएँ
धीरे-धीरे ले जाएँगी सत्ता की ओर

सूक्ष्म सम्वेदनाओं और ख़फ़ीफ़ भाषा का कवि
देखा जाएगा अत्याचारियों के भोज में शामिल
सबसे ज़्यादा स्वादों का बखान करता हुआ

अब तो कुछ भी हो सकता है
कोई भी उत्कृष्ट कहीं भी मिल सकता है

समकालीन कविता
और समकालीन हिन्दुस्तान को चाहिए
सीधे दिमाग़, ठोस शरीर और साफ़ दिल का एक कवि
जो कह सके
विज्ञापन को विज्ञापन
और अन्याय को अन्याय

निर्भय जो हत्या को हत्या कहेगा
निश्चय वही अन्ततः कवि रहेगा।

यह भी पढ़ें: उदय प्रकाश की कविता ‘महाभारत के बाद’

Book by Uday Prakash:

Previous articleअकेले क्यों?
Next articleआलस्य-भक्त
उदय प्रकाश
उदय प्रकाश (जन्म : १ जनवरी १९५२) चर्चित कवि, कथाकार, पत्रकार और फिल्मकार हैं। आपकी कुछ कृतियों के अंग्रेज़ी, जर्मन, जापानी एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में अनुवाद भी उपलब्ध हैं। लगभग समस्त भारतीय भाषाओं में रचनाएं अनूदित हैं। इनकी कई कहानियों के नाट्यरूपंतर और सफल मंचन हुए हैं। 'उपरांत' और 'मोहन दास' के नाम से इनकी कहानियों पर फीचर फिल्में भी बन चुकी हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here