3 POSTS
शारिक़ कैफ़ी उर्दू के प्रतिष्ठित शायर हैं, जिनका जन्म बरेली में 1 जून, 1961 में हुआ। इनके शायरी के चार संग्रह 'आम सा रद्द-ए-अमल', 'यहाँ तक रौशनी आती कहाँ थी', 'अपने तमाशे का टिकट' व 'खिड़की तो मैंने खोल ही ली' आ चुके हैं और शीघ्र ही नयी किताब 'क़ब्रिस्तान के नल पर' आने वाली है।