‘घाटे का सौदा’ – सआदत हसन मंटो

दो दोस्तों ने मिलकर दस-बीस लड़कियों में से एक लड़की चुनी और बयालीस रुपए देकर उसे खरीद लिया।

रात गुजारकर एक दोस्त ने उस लड़की से पूछा- “तुम्हारा क्या नाम है?”

लड़की ने अपना नाम बताया तो वह भिन्ना गया- “हमसे तो कहा गया था कि तुम दूसरे मजहब की हो!”

लड़की ने जवाब दिया- “उसने झूठ बोला था।”

यह सुनकर वह दौड़ा-दौड़ा अपने दोस्त के पास गया और कहने लगा- “उस हरामजादे ने हमारे साथ धोखा किया है, हमारे ही मजहब की लड़की थमा दी! चलो, वापस कर आएँ!”

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सआदत हसन मंटो
सआदत हसन मंटो (11 मई 1912 – 18 जनवरी 1955) उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं, बू, खोल दो, ठंडा गोश्त और चर्चित टोबा टेकसिंह के लिए प्रसिद्ध हुए। कहानीकार होने के साथ-साथ वे फिल्म और रेडिया पटकथा लेखक और पत्रकार भी थे। अपने छोटे से जीवनकाल में उन्होंने बाइस लघु कथा संग्रह, एक उपन्यास, रेडियो नाटक के पांच संग्रह, रचनाओं के तीन संग्रह और व्यक्तिगत रेखाचित्र के दो संग्रह प्रकाशित किए।

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